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विवाद सुलझाने गए दरोगा को गोली से उड़ाया

दो भाइयों के बीच एक महिला को लेकर हो रहे विवाद को सुलझाने की कीमत एक दरोगा को जान गंवा कर चुकी पड़ी। भरी पंचायत के दौरान दरोगा को गोली मार दी गई। गोली सीधे सीने में लगी। अस्पताल लाते घायल दरोगा ने दम तोड़ दिया। दूसरे दरोगा ने गांव से भाग कर जान बचाई। सरेशाम दरोगा की गोली मारकर हत्या की दुस्साहसिक वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई। एसएसपी तरुण गाबा मौके पर पहुंच गए। 

लगभग तीन साल पहले धनारी एसओ एसके सिंह की बदमाशों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आज फिर से एक दरोगा के कत्ल से पुलिस अफसरों को हिला कर रख दिया है। गुन्नौर थाना क्षेत्र के गांव लावर में लीलाधर और उसके बड़े भाई बुद्धि के बीच एक महिला को लेकर विवाद चल रहा है। इसके सुलहनामे के लिए मंगलवार को गांव में पंचायत बुलाई गई थी। 

पंचायत में गुन्नौर थाने की चौकी पतरिया के इंचार्ज नवरत्न सिंह व दरोगा कमल सिंह मामले के निपटारे को गए थे। दरोगाओं ने पंचायत में दोनों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया। इस दौरान दोनों भाइयों में सुलहनामे के बजाय कहासुनी होने लगी। इसको लेकर पंचायत में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सुलह न होती देख चौकी इंचार्ज नवरत्न सिंह बाइक स्टार्ट कर पंचायत से चल दिए।

इसी बीच भीड़ में से किसी ने दरोगा के गोली मार दी। गोली उनके सीने में लगी और वह तड़प कर जमीन में गिर गए। गोली चलने से पंचायत में भगदड़ मच गई। इसी दौरान  रवरत्न का साथी दरोगा कमल सिंह जान बचाकर गांव से भाग निकला और मामले की सूचना आला अफसरों को दी।

उधर दरोगा नवरत्न को तड़पते देख चौकीदार सुखराम और रईस अहमद घायल दरोगा को वाहन में डाल कर गुन्नौर के लिए रवाना हुए लेकिन नवरत्न ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इसके बावजूद दोनों दरोगा को गुन्नौर अस्पताल ले गए जहां डाक्टरों ने दरोगा को मृत घोषित कर दिया।

सूचना पर सीओ गुन्नौर हरचंद सिंह व इंस्पेक्टर गमलेश्वर बिल्टोरिया मौके पर पहुंच गए। इसके अलावा देर शाम एसएसपी तरुण गाबा भी आ गए। सीओ हरचंद सिंह ने बताया कि दरोगा नवरत्न सिंह मूलरूप से थाना बहजोई (मुरादाबाद) के गांव मिर्जापुर के निवासी थे। वह विवाद सुलझाने के लिए गांव लाबर गए थे,जहां गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई।

दरोगा नवरत्न वर्ष 2006 में विशेष श्रेणी के आधार पर प्रोन्नत हुए थे। वह गुन्नौर की पतरिया चौकी पर पिछले छह माह से तैनात थे। एसएसपी तरुण गाबा ने पुलिस और ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली है। एसएसपी ने गुन्नौर सीओ को दरोगा के कातिलों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। दरोगा की हत्या की सूचना पर परिजन भी गांव से गुन्नौर पहुंच गए।

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