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प्रमुख सचिव को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने मंगलवार को राज्य के करोड़ों रुपए के खाद्यान्न घोटाला मामले में उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (खाद्य एवं आपूर्ति) को एक व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।

अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को भी इस मामले में चल रही उसकी जांच की स्थिति की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति डी.पी. सिंह और न्यायमूर्ति अनिल कुमार की खंडपीठ ने सुनवाई की अगली तिथि 23 दिसम्बर पर जवाबी हलफनामा और स्थिति की रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश जारी किया है।

न्यायालय ने यह आदेश विश्वनाथ चतुर्वेदी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याची ने वर्ष 2002 से अब तक खाद्यान्न घोटाले में हो रही अनियमितताओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच की मांग की थी। इसके पहले याची ने उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका दाखिल कर सीबीआई जांच की मांग की थी, जिसमें उच्चतम न्यायालय ने याचिका को रद्द करते हुए याची के मामले को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष ले जाने के निर्देश दिए थे।

सीबीआई पहले से ही खाद्यान्न घोटाले के दो मामलों की जांच कर रही है। अन्य मामलों को उसने राज्य सरकार की अनुशंसा के बावजूद नहीं लिया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का अनाज जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बांटा जाना था। उसे खुले बाजार में बेचा गया और नेपाल एवं बांग्लादेश में तस्करी के जरिए भेजा गया।

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