अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

देहरादून में ही हैं बेहतर इंतजाम

प्रदेश में केवल देहरादून में ही एचआईवी-एड्स की जांच के अन्य तेरह जिलों से कहीं ज्यादा बेहतर इंतजाम हैं। इंटीग्रेटेड काउंसिलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर (आईसीटीसी) में रक्त की जांच करके एचआईवी पॉजिटिव को डिटेक्ट करने की व्यवस्था है। राज्य में 47 में आठ आईसीटीसी देहरादून में ही हैं।

वहीं हाई रिस्क ग्रुप को टारगेट करने के लिए राज्य सत्रह स्वयं सेवी संगठन काम कर रहे हैं। ये संगठन हाई रिस्क ग्रुप को रक्त की जांच कराने के लिए प्रेरित करते हैं। सैक्स वर्कर्स, पुरुष समलैंगी (एमएसएम), इंजेक्शन लेकर नशा करने वाले हाई रिस्क ग्रुप में हैं। सरकार की मदद से हाईफीड नामक संस्था देहरादून में पांच सौ पचास सैक्स वर्कर्स पर काम कर रही है। यहां समलैंगिकों के बीच भी काम हो रहा है। 

स्वास्थ्य महानिदेशक डा. सीपी आर्य बताते हैं कि देहरादून में एचआईवी-एड्स रोगियों की संख्या इसलिए ज्यादा है, क्योंकि यहां जांच की सुविधा अधिक है। आबादी और लोगों का आवागमन भी यहीं अधिक होता है। हालांकि पर्वतीय इलाकों में जांच सुविधाएं बढ़ाने की कोशिश हो रही है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:देहरादून में ही हैं बेहतर इंतजाम