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27 मई, 2020|5:22|IST

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बैठक में अफसरों पर उतरा नजला

कुंभ मेला 2010 कई मायनों में कई इतिहास रचेगा। कुंभ का सर्वाधिक बजट, कार्यो की गुणवत्ता को लेकर विपक्ष के आरोपों के साथ कुंभ कार्यो की समीक्षा को लेकर सोमवार की देर रात्रि लगभग छह घंटे तक चली बैठक महाकुंभ 2010 के इतिहास के पन्नों में शामिल हो गई है।

बैठक में मेलाधिकारी ने विभागों के बीच परस्पर समन्वय का अभाव, गुणवत्ता को लेकर थर्ड पार्टी की गुणवत्ता जांच रिपोर्ट और कार्यो के पिछड़ने को लेकर अधिकारियों की बोलती बंद कर दी।

प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती मार्गेट अल्वा के चार दिसंबर को हरिद्वार आगमन और कुंभ कार्यो की समीक्षा को लेकर प्रदेश सरकार और मेलाधिष्ठान गंभीर हो चला है। समझा जाता है कि राज्यपाल के दौरे के बाद राजभवन से केंद्र सरकार और योजना आयोग को कुंभ तैयारियों की भेजे जाने वाली संभावित रिपोर्ट को लेकर मेलाधिष्ठान चिंतित है।

कुंभ मेलाधिकारी आनंद वर्धन ने मेला स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों को पिछड़ने को लेकर मेलाधिकारी स्वास्थ्य डा. प्रेमलाल को खरी-खोटी सुनाई। मेलाधिकारी का मानना है कि स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां सर्वाधिक पिछड़ी हुई हैं।

वहीं मेलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को दिल्ली-नीती पास मार्ग के निर्माण में होती देरी और गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने इस मार्ग की गुणवत्ता की जांच करती थर्ड पार्टी टीयूवीएसयूडी की रिपोर्ट के पन्ने पलटे, तो विभाग के नोडल अधिकारी समेत अधिशासी अभियंता बगले झांकते नजर आए।

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