DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नौसेना के लिए जटिलतम उपकरण बनाया एचइसी ने

भारतीय नौसेना के लिए एचइसी ने काफी जटिल काम किया है। नौसेना के इस विशेष उपकरण के निर्माण का कार्यादेश परमाणु ऊरा आयोग ने एचइसी को दिया था। इस उपकरण के लिए विशेष फोरिग की जरूरत होती है। एचइसी ने इसे पूरा किया है। इसके पहले भी दो उपकरण एचइसी ने बनाये थे। जो काफी सफल रहा। 10 मार्च को अंतिम उपकरण का डिस्पैच होगा। इसे डॉ अनिल काकोदकर हरी झंडी दिखायेंगे। इस उपकरण के निर्माण के लिए एचइसी ने विशेष स्टील विकसित की है। इसके बाद इसकी फोरिग की जाती है। फोिर्ंग में 40 घंटे से अधिक समय लगता है। फोरिग के बाद उसे ठंडा किया जाता है। यह प्रक्रिया काफी जटिल है। यह उपकरण इतना संवेदनशील है कि वातावरण के परिवर्तन से भी यह प्रभावित हो जाता है। देश में इस तरह की फोरिग करने की क्षमता सिर्फ एचइसी के पास है। एचइसी कम लागत पर भी यह काम करता है।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: नौसेना के लिए जटिलतम उपकरण बनाया एचइसी ने