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अब 11 अंक के मोबाइल नंबरों पर विचार

अब 11 अंक के मोबाइल नंबरों पर विचार

मोबाइल टेलीफोन के क्षेत्र में हो रहे तेज विस्तार के मद्देनजर समझा जाता है कि सरकार ने 11 अंक के सेल्युलर फोन नंबरों की दिशा में काम शुरू कर दिया है। फिलहाल मोबाइल के नंबर दस अंक में होते हैं। 11 अंक के मोबाइल नंबर के जरिए सरकार ज्यादा ग्राहकों को खपा सकेगी।

दूरसंचार विभाग (डॉट) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस तरह का प्रस्ताव है और एक समिति ने इसका सुक्षाव दिया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी इस बारे में कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है, इसलिए ऑपरेटरों को किसी तरह के दिशा-निर्देश नहीं भेजे गए हैं।

दूरसंचार नियामक ट्राई के मुताबिक, अक्टूबर माह में देश में मोबाइल फोन ग्राहकों की संख्या में 1.66 करोड़ का इजाफा हुआ, जिसके बाद देश में मोबाइल ग्राहकों की संख्या 48.8 करोड़ हो गई है।

डाट के एक आंतरिक नोट के अनुसार, राष्ट्रीय नंबरिंग योजना-2003 को संशोधित किया जाएगा, जिससे मोबाइल सेवा में कुल अंक 11 हो जाएं। इसके अंतर्गत मोबाइल नंबरों के शुरू में 9 जोड़ा जाएगा।

हालांकि, डाट के नोट में कहा गया है कि ऑपरेटर इस नई व्यवस्था के लिए एक जनवरी से तैयार हो जाएं। लेकिन कुछ ऑपरेटर का कहना है कि वे इसके लिए इतनी जल्दी तैयार नहीं हैं।

डाट की तकनीकी इकाई टेलीकाम इंजीनियरिंग सेंटर (टीईसी) ने इस नई नंबरिंग योजना की सिफारिश की है। डाट ने 2003 में 30 साल की नंबरिंग योजना पेश की थी। लेकिन मोबाइल फोन बाजार में जिस तेजी से विस्तार हुआ है उसके मद्देनजर अब विभाग को अपनी इस नीति पर पुनर्विचार करना पड़ रहा है और वह 11 अंक की नंबरिंग व्यवस्था पर विचार कर रहा है।

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