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नहीं बढ़ी छात्रों के भोजन मद की राशि

आवासीय विद्यालयों के छात्रों के भोजन मद में वर्ष 2006 से संशोधन नहीं किया गया है, जबकि इन तीन सालों में महंगाई काफी बढ़ गयी है। खाद्यान्न की कीमतें दोगुनी हो गयी हैं। आवासीय विद्यालयों में खाद्यान्न आपूर्ति करनेवाले टेंडर तो ले लेते हैं, पर निर्धारित दर पर आपूर्ति करने में असमर्थता दिखाते हैं। इसका नतीजा होता है कि मीनू के अनुसार छात्रों को खाना नहीं मिल पाता है।वर्ष 2006 में संशोधित दर के अनुसार प्रति छात्र (1-6 वर्ग) प्रति माह सात सौ रुपये भोजन मद में दिया जाता है। जबकि सात से 12 वर्ग के छात्र के लिए नौ सौ रुपये निर्धारित है। इसी राशि से छात्रों को नास्ता और भोजन उपलब्ध कराना है। इसके अलावा पठन-पाठन मद में प्रतिछात्र (1-6) सात सौ रुपये और (7-12 वर्ग) 850 रुपये निर्धारित है। साबुन-सोडा मद में 50 रुपये, पुस्तकालय मद में 5000 प्रतिवर्ष, दैनिक समाचार पत्र मद में 11 वीं कक्षा के लिए 3000 रुपये, मध्य विद्यालय के लिए 2000 और प्राथमिक विद्यालय के छात्रों के लिए 1500 रुपये प्रतिवर्ष निर्धारित किया गया है।

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