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पहला भारतीय प्रवासी फिल्म महोत्सव तीन जनवरी से

पहला प्रवासी भारतीय फिल्म महोत्सव राजधानी में तीन से छह जनवरी 2010 तक आयोजित किया जाएगा और मारीशस की साझेदारी से आयोजित इस महोत्सव में विदेश में बसे भारतीय फिल्मकारों की चुनिंदा फिल्में दिखाई जाएंगी।

प्रवासी टुडे द्वारा आयोजित इस महोत्सव का आरंभ 'लाइफ गोज आन' फिल्म से होगा, जिसमें ओम पुरी, शर्मिला टैगोर और सोहा अली खान ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। वहीं समापन मीरा नायर की बहुचर्चित फिल्म 'मानसून वेडिंग' के जरिये होगा। समारोह के दौरान यशराज फिल्म्ज की 'न्यूयार्क' भी दिखाई जाएगी।

मारीशस के राष्ट्रपति अनिरूद्ध जगन्नाथ ने मंगलवार को समारोह के दौरान दिए जाने वाले पुरस्कारों का अनावरण किया। समारोह में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, डाक्यूमेंटरी, शार्ट फिल्म, पटकथा और निर्देशन के लिए पुरस्कार दिए जाएंगे। इसके अलावा मशहूर अभिनेता सईद जाफरी को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से नवाजा जाएगा।

महोत्सव के निदेशक अनिल जोशी ने बताया कि मीरा नायर, दीपा मेहता, गुरिंदर चड्ढा जैसे एनआरआई फिल्मकारों के अलावा शर्मिला टैगोर, सोहा अली खान, अदूर गोपालकृष्णन, नसरीन मुन्नी कबीर [द इनर वर्ल्ड आफ शाहरूख खान फेम], मनोज वाजपेयी, प्रकाश झा और सतीश कौशिक जैसी सिने हस्तियों ने भी इसमें भागीदारी की पुष्टि कर दी है।

इंडिया हैबीटेट सेंटर में महोत्सव के दौरान दिखाई जाने वाली करीब 20 फिल्मों में प्रेसिडेंट इज कालिंग,  भविष्य द फ्यूचर, फ्लेवर्स, अस्सां नू मान वतना दा [पंजाबी] शामिल हैं। इस दौरान एनआरआई फिल्मकारों द्वारा बनाई गई कई डाक्यूमेंटरी भी दिखाई जाएगी, जिसमें बिस्मिल्लाह आफ बनारस, द इनर वर्ल्ड आफ शाहरूख खान और वंस मोर रिमूव्ड  प्रमुख हैं।

आयोजकों ने बताया कि समारोह के दौरान भारतीय मूल के फिल्मकारों की भोजपुरी और पंजाबी फिल्में भी दिखाई जाएंगी। इसके साथ ही विंडोज टू इंडिया के जरिये एनआरआई फिल्मकारों को भारतीय फिल्म उदयोग से रूबरू कराया जायेगा। जगन्नाथ ने इस मौके पर कहा कि भारतीय फिल्में पूरी दुनिया में देखी जाती है और यह दुनिया भर में भारतीय मूल के लोगों को जोड़ने का जरिया बन सकती हैं।

मॉरीशस ने हमेशा से भारतीय फिल्मकारों का दिल खोलकर स्वागत किया है और आगे भी करता रहेगा। मशहूर अभिनेता मनोज वाजपेयी ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि प्रतिभाओं को तलाशने के लिए एक मंच की तरह इसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इस मौके पर केंद्रीय श्रम राज्यमंत्री हरीश रावत, मशहूर कवि और महोत्सव के संरक्षक अशोक चक्रधर, सांसद राजीव शुक्ला, आईएएसई यूनिवर्सिटी के कुलपति मिलाप दुग्गड़ भी मौजूद थे।

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