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बंगाल में राष्ट्रपति शासन की कोशिश में ममताः माकपा

बंगाल में राष्ट्रपति शासन की कोशिश में ममताः माकपा

पश्चिम बंगाल में केन्द्रीय दल भेजने के मसले पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस राज्य में हिंसा को प्रोत्साहित कर रही है, ताकि कानून व्यवस्था का मामला बनाकर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सके।

मार्क्सवादी पोलित ब्यूरो सदस्य सीताराम येचुरी ने संवाददाताओं से कहा कि इस मसले पर वामपंथी दलों ने दोनों सदनों में हस्तक्षेप किया क्योंकि सरकार तृणमूल कांग्रेस के इशारे पर काम करने पर आमादा थी।

येचुरी ने कहा कि संघीय ढांचे में कानून व्यवस्था के मसले पर केन्द्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय हो सकता है लेकिन यह प्रक्रिया केवल केन्द्रीय अधिकारियों के राज्य के अधिकारियों से सलाह मशविरे तक सीमित रहती है। यदि ऐसा होता है तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है।

उन्होंने कहा कि दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि केन्द्रीय दल केवल उन्हीं क्षेत्रों में जाए, जहां जाने के लिए बंगाल सरकार उससे आग्रह करती है और उसे दौरे के लिए सभी सुविधाएं मुहैया कराती है।


येचुरी ने कहा कि केन्द्रीय दल राज्य में किसी भी राजनीतिक पार्टी से बात नहीं करे। पार्टी उसे ज्ञापन दे सकती है और केन्द्रीय दल उसे केन्द्र सरकार तक पहुंचाए। एक सवाल के जवाब में माकपा नेता ने कहा कि माओवादियों के खिलाफ केन्द्र और राज्य मिलकर मोर्चा संभाले हुए है और यह आगे भी जारी रहेगा।

उन्होंने भारत सरकार और गृह मंत्रलय से आग्रह किया कि वे राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति के बारे में जो भी संवाद करें, वह बांग्ला भाषा में भी तैयार किया जाए। सदन में विरोध और हंगामा करने के बारे में एक सवाल पर येचुरी ने कहा कि चिदंबरम ने पहले केन्द्रीय दल भेजने के बारे में सदस्यों के सवालों पर स्पष्टीकरण नहीं दिया था, जिसकी वजह से दोनों सदनों में वाम दलों ने विरोध किया। अब चूंकि चिदंबरम ने स्पष्टीकरण दे दिया है, इसलिए हमें कोई आपत्ति नहीं है।

उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार केन्द्र से केन्द्रीय दल भेजने का आग्रह नहीं करती तो केन्द्र हस्तक्षेप नहीं कर सकता अन्यथा यह असंवैधानिक कदम माना जाएगा। येचुरी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस कोशिश कर रही है कि केन्द्रीय दल राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश कर दे। तृणमूल पूर्वाग्रह से ग्रस्त है और वह बंगाल में सभी संघर्षों को राजनीतिक उद्देश्य से संचालित कर रही है ताकि हिंसा हो और कानून व्यवस्था का मामला बने तथा राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया जा सके। लेकिन तृणमूल के ये इरादे  पंक्चर  हो गये।

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