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रंग खेलिए, मगर जरा हिसाब से

रंगों के त्योहार होली के मौके पर जरा असावधानी आपके जीवन को बदरंग बना सकती है। होली के दिन मिलावटी रंग गुलाल से आंखों को नुकसान पहुंचने का खतरा हो सकता है। हृदय, मधुमेह और उच्च रक्त चाप के मरीजों के लिए होली के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले रासायनिक रंग नुकसानदायक हो सकते हैं। इन मरीजों को होली के दिन भांग, शराब और नशीले पदाथर्ों के सेवन के अलावा उत्तेजना जनक एवं तनावपूर्ण स्थिति से बचनाचाहिए क्यों कि इससे रक्त संचार एवं दिल की धडकन में गडबडी पैदा हे सकती है। नेत्र रोग चिकित्सक डा विशाल ग्रोवर का कहना है कि होली के दौरान आंखों में मिलावटी रंग गुलाल पड़ जाने से आंखों में जख्म मोतियाविंद आंखों के पर्दे फटने तथा नेत्र अंधता जैसी समस्याएं हो सकती है। हृदय रोग विशेषग्य डा पुरुषोत्तम लाल बताते हैं कि हृदय रोगियों को होली के दौरान शराब, भांग, नशीले पदाथर्ों तथा चिकनाई युक्त भोजन से परहेज करना चाहिए क्यों कि इससे नुकसान पहुंच सकता है। उन्हें उत्तेजना जनक स्थितियों एवं तनाव से खास तौर पर दूर रहना चाहिए क्योंकि इससे हार्ट फेल हो जाने का खतर उत्पन्न हो सकता है। मेट्रो हास्पीट्ल्स एवं हार्ट इंन्स्टीच्यूट के निदेशक पद्मविभूषण डा लाल कहते हैं कि होली के दौरान हृदय के मरीजों के साथ साथ मधुमेह एवं उचच रक्त चाप के मरीजों को खाने पीने पर खास तौर पर नियंत्रण रखना चाहिए, ऐसा नहीं करने पर रक्त में शकरा एवं कालेस्ट्राल का स्तर बढ़ सकता है। हृदय रोगियों को होली की हुल्लडबाजी के कारण शरीर में उत्तेजना पैदा हो जाती है जिसे दिल के मरीज बर्दाश्त नहीं कर पाते।

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