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अधिक रचिास्ट्री कराने पर जोर

राज्य सरकार की आमदनी का मुख्य स्रेत ‘वाणिज्य कर’ के मद में सालाना 20 हजार करोड़ रुपए के वार्षिक लक्ष्य के विपरीत बीते फरवरी माह तक करीब 15 हजार करोड़ रुपए के राजस्व की वसूली हो चुकी है। जबकि चालू वित्तीय वर्ष 2008-0आगामी 31 मार्च को समाप्त हो रहा है। शासन स्तर पर कहा गया है कि वाणिज्य कर के मद में 31 मार्च के पहले तक 3 हजार करोड़ रुपए की और वसूली की जाए। जबकि अभी तक इस मद में प्रतिमाह कर वसूली का औसत करीब डेढ़ हजार करोड़ रुपए रहा है।ड्ढr मुख्य सचिव के निर्देश पर सोमवार को वाणिज्य कर विभाग में पिछले 11 महीनों में हुई वसूली की समीक्षा की गई। केवल फरवरी माह की उपलब्धियों की समीक्षा में पाया गया कि आयल सेक्टर में कर दरों में भारी कमी की वजह से जहाँ 18 फीसदी राजस्व की कमी आई है, वहीं नान आयल सेक्टर की वस्तुओं पर वसूल किए गए राजस्व में 30 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है। इस तरह कुल मिलाकर राजस्व वसूली में फरवरी माह में 14 फीसदी की वृद्धि हुई है। इसी को आधार मानकर मार्च महीने में तीन हजार करोड़ रुपए का लक्ष्य हर-हाल में वसूलने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बावजूद 20 हजार करोड़ रुपए के वार्षिक लक्ष्य को पाना आसान नहीं है। वाणिज्य कर मुख्यालय में कर एवं निबंधन विभाग के प्रमुख सचिव देश दीपक वर्मा द्वारा की गई समीक्षा बैठक में वाणिज्य कर आयुक्त अनिल संत भी उपस्थित थे।

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