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छंटनी के बाद अब भर्ती का दौर

छंटनी के बाद अब भर्ती का दौर

पिछले वर्ष वैश्विक आर्थिक मंदी से त्रस्त कंपनियों ने जहां जमकर कर्मचारियों की छंटनी की थी वहीं अब लगभग 30 फीसदी कंपनियां मंदी से उबरने के बाद और औद्योगिक उत्पादन में बढोत्तरी के मद्देनजर अपने विस्तार कार्यक्रमों को देखते हुए अधिक से अधिक कर्मचारियों की भर्ती का मूड बना रही हैं।

पीएचडी चैंबर्स आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री ने हाल ही में 186 कंपनियों में कराए एक सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि पिछले छह माह की तुलना में अब कंपनियों में मध्यम तथा शुरूआती स्तर पर भर्तियों में इजाफा हुआ है। इस रूझान से साफ जाहिर है कि कंपनियां अपने विस्तार कार्यक्रमों पर अधिक ध्यान दे रही है।
 
पीएचडी अध्यक्ष सतीश बागरोडिया का कहना है कि आर्थिक मंदी में सुधार होने और अमेरिका तथा यूरोपीय संघ से माल के आर्डर की संख्या बढने के बाद भारतीय कंपनियां अधिक से अधिक कर्मचारियों की भर्ती पर जोर देंगी।
 
सर्वेक्षण में शामिल 70 फीसदी कंपनियों का कहना है कि उन्होने उस बुरे दौर में भी कर्मचारियों की छंटनी नहीं की थी इसलिए अभी भर्ती की फिलहाल उनकी कोई योजना नहीं हैं। इसमें शामिल कंपनियों ने शिक्षा क्षेत्र में सुधार करने पर जोर दिया है ताकि कर्मचारियों के कौशल स्तर में बढोत्तरी हो सके जिससे वे कंपनियों की जरूरतों को पूरा कर सकें।

 

 

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