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बिक्री केंद्रों से गायब हुई खाद

रबी सीजन की फसलों की बुआई जोरों पर है और सरकारी व निजी बिक्री केंद्रों से उर्वरक गायब हो गए हैं। पीसीएफ के बफर गोदाम में भी डीएपी और एनपीके की मात्र जीरो है। केवल 2395 मीट्रिक टन यूरिया गोदाम पर बचा है। ऐसे में किसानों के सामने संकट पैदा हो गया है।

किसान रबी की फसलों गेहूं, जौ की बुआई करने में जुटे हैं। इसके लिए डीएपी और एनपीके खाद की जरूरत पड़ती है। पर किसानों को बुआई के लिए डीएपी और एनपीके नहीं मिल पा रहा है। सरकारी और निजी बिक्री सेंटरों से खाद गायब हो गई है। केवल यूरिया ही उपलब्ध हो पा रहा है। पीसीएफ के बफर गोदाम में भी डीएपी और एनपीके का स्टॉक जीरो होने से हालत खराब हो गई है।

गाजियाबाद जिले में डीएपी और एनपीके का एक भी दाना मौजूद नहीं है। खाद गायब होने से किसानों में अफरातफरी मची हुई है और वह सरकारी केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं। पीसीएफ के जिला प्रबंधक नानू सिंह का कहना है कि 2700 मीट्रिक टन खाद की एक नई रैक आ रही है। जिसमें डीएपी और एनपीके होगा। इससे जिले में खाद की स्थिति काफी सुधर जाएगी और किसानों को काफी राहत मिलेगी।

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