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मोटेरा जैसी पिचें टेस्ट को बर्बाद कर देंगी: हरभजन

मोटेरा जैसी पिचें टेस्ट को बर्बाद कर देंगी: हरभजन

श्रीलंका के खिलाफ ड्रा हुए पहले टेस्ट की निर्जीव पिच से नाराज भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने शनिवार को कहा कि इस तरह के बल्लेबाजी के अनुकूल विकेट क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप को बर्बाद कर देंगे।

हरभजन ने अहमदाबाद से फोन पर कहा कि इस तरह की पिचें टेस्ट क्रिकेट को खत्म कर देंगी। यह बल्लेबाजों की ऐशगाह है और यहां कोई प्रतिस्पर्धा नहीं होती। मोटेरा की पिच की चौतरफा आलोचना हो रही है और भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और श्रीलंका के कप्तान कुमार संगकारा दोनों ने कहा कि उन्हें अंतिम दो दिन पिच से गेंदबाजों को मदद मिलने की उम्मीद थी।

क्रिकेट प्रशासकों को भी अब इस पर गौर करना होगा क्योंकि भारत में हुए पिछले 12 में से सात टेस्ट ड्रा रहे हैं जिसमें एक तिहरा शतक, छह दोहरे शतक और 32 टेस्ट शतक जड़े गए। इस दौरान एक बार 700 से अधिक, तीन बार 600 और इतने ही बार 500 से अधिक का स्कोर बना जबकि छह बार टीम ने 400 से अधिक का स्कोर खड़ा किया।

हरभजन का मानना है कि भारत में कैरियर को लेकर खिलाड़ियों की चिंता सही है। मोटेरा में 48 ओवर में 189 रन देकर दो विकेट लेने वाले हरभजन ने अपनी धरती पर 43 टेस्ट में 27.40 की औसत से 216 विकेट लिए हैं। इसमें 17 बार उन्होंने पारी के पांच विकेट और चार बार दस विकेट चटकाए हैं। उन्होंने कहा कि मैंने मोटेरा में दूसरे और तीसरे दिन गेंदबाजी की। क्रिकेट के इतिहास के सबसे बड़े मैच विनर गेंदबाज (मुथैया मुरलीधरन) को भी पांचवें दिन गेंद की लय बनाए रखने में दिक्कत हो रही थी।

हरभजन ने कहा कि यदि पिच स्पिनरों की मददगार नहीं है तो कोई बात नहीं। यदि यह तेज गेंदबाजों की ही मदद करे तो भी कुछ नहीं बिगड़ता, लेकिन गेंदबाजों की मैच में भूमिका होनी चाहिए। उनका काम सिर्फ बल्लेबाजों को गेंद परोसना ही नहीं हो। भारतीय कप्तान धोनी पहले ही कह चुके हैं कि वह मोटेरा जैसी पिच पर खेलना नहीं चाहते।

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