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उम्र के इस पड़ाव में प्रोटीन बनाए रखेगा टीन

उम्र के इस पड़ाव में प्रोटीन बनाए रखेगा टीन

अनिल जैसे ही घर में घुसता है उसकी पत्नी उससे कहती है, तुम्हारे माता-पिता को संभालना अब मेरे बस की बात नहीं रही। अनिल बोला, आखिर बात क्या है जो तुमने घुसते ही घर सिर पर उठा लिया। मैं क्या बताऊं अपने मां-बाप से पूछो जिनको खाना तो भरपेट चाहिए, रोटी-चावल ठूस कर खाएंगे, फिर दिनभर बाथरूम के चक्कर लगाएंगे। पेट खराब हो गया, बदहजमी की शिकायत करेंगे। दवाई खिलाओ फिर भी ठीक होने का नाम नहीं लेते। मेरे पास घर में सौ काम पड़े हैं। इनके चक्कर में कोई काम नहीं हो पाता है। इन लोगों से एक तो उठा-बैठा जाता नहीं है ऊपर से फरमाइशें इतनी की पूछो नहीं - अनिल की पत्नी बोली।

अनिल भी बेचारा क्या करे, अब उसके माता-पिता बुजुर्ग हो गए हैं और खाना हजम होता नहीं है। कमजोर वैसे ही हैं। वो भी बेचारे करें तो करें क्या। ऊपर से रोज उसे सुनने को मिलता है कि मम्मी-पापा की तबीयत ठीक नहीं, तभी उसे ख्याल आया कि उसका एक दोस्त डॉक्टर है और उसने उसे फोन किया तो उसके डॉक्टर दोस्त ने बताया कि कल तुम मम्मी-पापा को लेकर क्लीनिक आ जाना। अगले दिन जब वह अपने मम्मी-पापा को लेकर दोस्त के क्लीनिक गया तो उनका चेकअप करने के बाद डॉक्टर ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ शरीर भी कमजोर होने लगता है और वह प्रोटीन की कमी से जूझने लगता है। सामान्य भोजन बुजुर्ग लोगों की प्रोटीन की विशेष जरूरत को पूरा नहीं कर पाता है क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ-साथ पाचन क्षमता कमजोर होने लगती है और ऐसे में भोजन के सरलता से पचने, शरीर में तेजी से अवशोषित होने और शरीर पर लगने के लिए प्रोटीन सप्लीमेंट की मदद जी जा सकती है। प्रोटीन सप्लीमेंट अच्छी क्वालिटी का होना भी बहुत जरूरी है और साथ ही उसमें सभी अमीनो ऐसिड उचित मात्र में मौजूद होने भी आवश्यक है।

प्रोटीन सप्लीमेंट बुजुर्गो की प्रोटीन की जरूरत को पूरा करता है और उन्हें कुपोषण से बचाता है, जिससे उनके शरीर में क्षतिग्रस्त उत्तकों की मरम्मत करने व नए उत्तक बनाने की क्षमता बनी रहती है। एक अच्छे प्रोटीन सप्लीमेंट में अन्य कई खासियतें भी होती हैं जिनके लाभ अकसर हम पाने से वंचित रह जाते हैं।

यदि प्रोटीन सप्लीमेंट छाछ युक्त होगा तो वह शरीर में कोलेस्ट्राल के विलय को रोकेगा जिससे मोटापे और हृदय रोगों का जोखिम कम होगा। मट्ठे से बने प्रोटीन में ‘किनिन’ नामक पदार्थो का समूह होता है जो रक्त शिराओं को आराम देकर उच्च रक्तचाप नहीं होने देते। मट्ठा युक्त प्रोटीन बेहतर होता है क्योंकि यह ‘सेरोटोनिन’ नामक एक न्यूरोट्रांसमिटर के संश्लेषण को बढ़ाता है जिसका संबंध ज्ञान एवं विचार से है।

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