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उप्र में वीजा रैकेट में शामिल दो व्यक्ति गिरफ्तार

भारतीय पासपोर्ट के साथ राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में एक संदिग्ध पाकिस्तानी जासूस की गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के अधिकारियों ने फर्जी वीजा मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ के दल ने आजमगढ़ के मोहम्मद हसन अब्बास और जौनपुर के मकसूद अलीम को कल नाका पुलिस थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। उनके पास से 19 पासपोर्ट और वैसे कागजात जब्त किए गए जिसकी मदद से वीजा बनाकर वे लोगों को अवैध रूप से विदेश भेजते थे।

संदिग्ध पाकिस्तानी जासूस अली को शनिवार को दिल्ली के हवाई अड्डे से बीते शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दल यहां से अली को जारी किए गए पासपोर्ट के संबंध में जांच कर रहा है। दल ने कहा है कि उसने क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय और खुफिया विभाग की स्थानीय शाखा में कई प्रक्रियागत खामियों का पता लगाया है।

पुलिस ने कहा कि अब्बास और अलीम उस बड़े गिरोह के सदस्य है जिसके मुंबई, आजमगढ़, जगदीशपुर, देवरिया, इलाहाबाद, जौनपुर, गोरखपुर, लखनऊ और बस्ती में सक्रिय होने का पता चला है।

दोनों आरोपियों ने एसटीएफ को बताया कि वे वीजा की व्यवस्था करने के लिए मुंबई की ट्रैवल एजेंसियों के मार्फत लोगों के पासपोर्ट लेते थे और एक- एक व्यक्ति से इसके लिए 60 हजार रुपए वसूलते थे।

उन्होंने कहा कि कभी कभी वे ग्राहकों का विश्वास बहाल करने के लिए ट्रैवल एजेंसियों के लिए एक या दो असली वीजा जारी करते थे, अन्यथा वे प्राय: फर्जी वीजा की व्यवस्था ही करते थे।

अब्बास ने कहा कि दुबई और सऊदी अरब से लौटने के बाद वह 2002 से इस धंधे में शामिल हुआ था। मकसूद ने कहा कि वह 2006 में इस रैकेट में शामिल हुआ था।

इस संबंध में नाका पुलिस थाने में एक मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है। इससे पहले 2003 में एसटीएफ ने ठीक इसी प्रकार के गिरोह का भंडाफोड़ किया था और 59 जाली पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज बरामद किए थे।

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  • Web Title:उप्र में वीजा रैकेट में शामिल दो व्यक्ति गिरफ्तार