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अपने बच्चों की हत्या करने वाली महिला की सजा बरकरार

अपने बच्चों की हत्या करने वाली महिला की सजा बरकरार

उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को अपनी ही दो वर्षीय बच्ची को अपने पति के साथ मिलकर 14 दिन तक बिना खाना पानी दिए बाथरूम में रखकर हत्या करने की आरोपी एक महिला की सजा को बरकरार रखा है।

उल्लेखनीय है कि एक ओझा के झांसे में आकर इस महिला ने अपनी बच्ची को अशुभ मान उसकी हत्या कर दी थी। दौलतबाबा नामक एक ढ़ोंगी ने इस आरोपी दंपत्ति को अपनी बच्ची के साथ ऐसा करने का सुझाव दिया था। उसने कहा था कि ऐसा करने के बाद भी अगर 14 दिन बाद वह बच्ची जिंदा बच गई तो उनके परिवार का खराब दौर शुरू हो जाएगा।

इस मामले में उच्चतम न्यायालय के जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी और जे एम पांचाल ने महिला की अपील को खारिज कर दिया है। हालांकि बंबई उच्च न्यायालय की ओर से महिला को सुनाई गई सजा में से आरोपी साउ पंचशिला ने छह साल की सजा काट ली है, इसलिए उसकी कुल सजा में से छह वर्ष की अवधि को कम कर दिया गया है।

दौलतबाबा के सुझाव पर आरोपी दंपत्ति ने अपनी सबसे छोटी बच्ची को बाथरूम में 14 दिन तक बंद रखा, जिससे उसकी मौत हो गई। इस मामले में बांद्रा स्थित एक सत्र न्यायालय ने आरोपी दंपत्ति को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 302 के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

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