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नाटक के जरिए बाल विवाह रोकने का संदेश

इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट स्कीम सप्ताह मनाते हुए शुक्रवार को सेक्टर-16 के बाल विकास कार्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें आंगनवाड़ी वर्कर्स ने लघु नाटिकाओं के माध्यम से लोगों को बाल विवाह रोकने का संदेश दिए। कार्यक्रम में महिला बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी अनीता नेहरा और सुचि पराशर उपस्थित थी।

सामारोह में आंगनवाड़ी वर्कर्स बल्लभगढ़ ने हरियाणवीं बोली में लघु नाटिका प्रस्तुत की। अपनी प्रस्तुति में उन्होंने दिखाया कि गांव की लड़की ‘गहणा’ के मां-बाप छोटी सी उम्र में उसका ब्याह तय कर देते हैं। गहणा का होने वाला पति दसवीं कक्षा में पढ़ता है। जबकि वह आठवीं कक्षा में अव्वल आई है।

लाख समझाने पर भी घरवालों के न मानने पर गहणा इसकी शिकायत अपनी आंगनवाड़ी वर्कर से करती है। वह आंगनवाड़ी वर्कर से अपनी शादी रुकवाने की गुहार लगाती है। इसके बाद आंगनवाड़ी वर्कर अपने अधिकारियों के साथ मिलकर गहणा के घरवालों को समझा कर उसका बाल विवाह रुकवाते हैं। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी वर्कर्स फरीदाबाद ने भी बाल विवाह पर अपनी प्रस्तुति दी।

इस कार्यक्रम का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग ने कराया। इस दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों के बीच फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित हुई। प्रतियोगिता में सभी खंडों के आंगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। इस दौरान परियां, दूल्हा-दुल्हन, इंदिरा गांधी, फौजी, राधा, कृष्णा से लेकर कृष्ण भक्त मीरा के वेश में बच्चों सजे नजर आए। बच्चों ने अपनी मधुर आवाज में दर्शकों को कई संदेश दिए।

फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में पेड़ बने एक नन्हें बालक ने सभी दर्शकों से पेड़ ना काटने की अपील की। जबकि कृष्ण बने नन्हें कलाकार ने लोगों को गीता के श्लोक सुनाकर हैरत में डाल दिया। कार्यक्रम में बाल विकास विभाग ओल्ड फरीदाबाद की सीडीपीओ अजीता भांकर, सीडीपीओ एनआईटी ऊषा अरोड़ा, सीडीपीओ फरीदाबाद ग्रामीण दयावती चौधरी उपस्थित थी।
 

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