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मोदीनगर में 25 लाख रुपये लूट का मामला

मोदीनगर कांड में कथित लूटपाट के बाद गोली लगने से घायल हुआ साकेत निवासी पंकज शर्मा का इतिहास दागदार रहा है। पंकज के खिलाफ दिल्ली और मेरठ में संगीन धाराओं में आधा दजर्न तक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने चार मामले ट्रेस कर लिए हैं, जबकि अन्य रिकार्ड के लिए थानों से जानकारियां मांगी गई हैं। एक खास बात और भी है, पंकज तीन साल पहले भी लूट की एक रिपोर्ट दर्ज करा चुका है, जो पुलिस जांच में फर्जी निकली थी।

पेशे में टेलीकॉम ठेकेदार, प्रॉपर्टी डीलिंग और एक स्कूल का संचालन करने वाले पंकज शर्मा को लेकर पुलिए ने होमवर्क शुरू कर दिया है। पुलिस का यह होमवर्क इसलिए है कि क्यों कि पंकज का इतिहास गुरुवार की घटना से इत्तेफाक नहीं रखता। पुलिस अभी तक एडवोकेट वीरेंद्र कुशवाहा की कहानी को ही सच मानकर आगे बढ़ रही है।

वर्ष 2006 में एसएसपी नवनीत सिकेरा के समय पंकज ने दो अज्ञात बदमाशों के नाम एक मुकदमा सिविल लाइन थाने में दर्ज कराया था, जिसमें 20.5 लाख रुपये लूट का दावा किया गया था। पुलिस जांच में यह लूट फर्जी निकली, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर स्पंज कर दी थी। पुलिस ने पंकज  एक नहीं बल्कि कई सरकारी अधिकारियो के साथ अभ्रद व्यवहार, हत्या के प्रयास व गुंडा अधिनियम एक्ट के मामले मेरठ व दिल्ली के थानो में दर्ज हैं।

पंकज पर निम्न मुकदमें दर्ज हैं।

1-थाना कालकाजी दिल्ली- मुकदमा संख्या 253/2001 में धारा 138 एनआई एक्ट व्यापार संबधी
2-थाना इंचौली-मुकदमा संख्या 372/2001 में धारा 3/4गुण्डाएक्ट अधिनियम
3-थाना इंचौली-मुकदमा संख्या 315/2004 में धारा 332,353,504,506 सरकारी कार्य में बांधा उत्पन करते हुए अभ्रद व्यवहार करना
4-थाना सिविल लाइन-मुकदमा संख्या 31/2005 में धारा 364,511,307,392 व 506 यानी अपहरण और लूट जैसी संगीन धाराएं
5-थाना सिविल लाइन-मुकदमा संख्या 110/2006 में धारा 392 (यह मुकदमा पंकज की ओर से दर्ज कराया गया था, जिसमें 20.5 लाख रुपये की लूट का आरोप लगाया गया था, पुलिस की जांच में यह लूट फर्जी निकली।

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  • Web Title:मोदीनगर में 25 लाख रुपये लूट का मामला