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विनिवेश से खिलेगा म्यूचुअल फंड का चेहरा

सरकार के विनिवेश के फैसले से म्यूचुअल फंड बाजार में निवेशकों की नई खेप आने की संभावना बढ़ गई है। शेयर बाजार की तरह ही इक्विटी म्यूचुअल फंड भी तेजी से ऊपर नीचे होते रहते हैं। इसके चलते ज्यादातर छोटे निवेशक मंदी के दौरान म्यूचुअल फंड में घाटा खा कर निकल गए थे। लेकिन देखा जाए तो मंदी के दौरान भी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने उस तरह गोता नहीं लगाया था जैसा की अन्य कंपनियों ने। ऐसे में जब विनिवेश होगा तो म्यूचुअल फंड के सामने ऐसी योजनाएं लाने का विकल्प खुल जाएगा जो सिर्फ पीएसयू में ही निवेश करें।

देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज शेयर बाजार में गिरावट के दौरान एक हजार रुपए से भी नीचे चली गई थी। जबकि उसके कुछ समय पहले ही यह तीन हजार रुपए के ऊपर चल रही थी। यानी कुछ ही माह में इसकी वैल्यू में करीब 66 फीसदी की गिरावट आ गई थी। वहीं दूसरी तरफ टॉप फाइव कंपनियों में एक एनटीपीसी के शेयर को देखें तो अंतर पता चलेगा। यह कंपनी शेयर बाजार में तेजी के दोरान भी सवा दौ सौ के ऊपर नहीं गई थी, लेकिन गिरावट में एक तिहाई भी नहीं हुई। माना जाता है कि सरकारी कंपनियां होने के नाते इन कंपनियों में काफी जानकारियां जनता के सामने आ जाती हैं। इसके अलावा, जरा भी गड़बड़ी भी यहां बड़ी मानी जाती है, जिसके चलते इन कंपनियों का प्रबंधन विवाद से दूर सिर्फ उन्हीं कामों में लगा रहता है जिससे कंपनी को फायदा हो। ऐसी स्थिति में इन कंपनियों में कभी भी सत्यम जैसा घोटाला सामने आनी की संभावना नहीं के बराबर रहती है।
इन सब अच्छाइयों के चलते ऐसी कंपनियों में सट्टेबाजों की रुचि नहीं रहती क्योंकि सट्टेबाज तो ऐसी कंपनी चाहते हैं जहां शेयर के भाव को तेजी से चढ़ाया या गिराया जा सके। ऐसा होने से ही तेजी से और ज्यादा मुनाफा संभव हो पाता है।
बीएसई और एनएसई आंकड़े बताते हैं कि करीब नौ हजार सूचीबद्ध कंपनियों में टॉप 500 कंपनियों में ही करीब 90 फीसदी कारोबार होता है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि अभी भी शेयर बाजार में अच्छे निवेश के मौके कितने कम हैं। लिहाजा, अगर 100 अच्छी कंपनियां और सूचीबद्ध हो जाती हैं तो निवेशकों के साथ म्यूचुअल कंपनियों के लिए भी संभावनाओं के नए द्वार खुल जाएंगे। अभी तक पीएसयू को ध्यान में रख कर चुनिंदा म्यूचुअल फंड योजनाएं ही हैं। सीता पोर्टफोलियो के सीएमडी संजीव अग्रवाल के अनुसार पिछले दिनों गिरावट के वक्त छोटे निवेशकों को काफी नुकसान हुआ था। ऐसे में पीएसयू का विनिवेश उनके लिए अच्छी खबर है। यह लोग सीधे विनिवेश के वक्त शेयर खरीद सकते हैं। इसके अलावा, म्यूचुअल फंड कंपनियों के पास ढेर सारी नगदी एकत्र हो गई है। यह लोग भी निवेश के अच्छे मौके की तलाश में हैं। विनिवेश होते ही म्यूचुअल फंड का काफी पैसा इन कंपनियों में लगाया जाएगा। इससे वर्तमान योजनाओं का स्थायित्व बढ़ेगा, वहीं जैसे जैसे निवेशकों की रुचि बढ़ेगी पीएसयू फोकस म्यूचुअल फंड योजनाएं भी निवेशकों को परोसी जाने लगेंगी। इस वक्त म्यूचुअल फंड उद्योग भी बदलाव के चरण से गुजर रहा है। एंट्री लोड खत्म होने से एजेंट भागने लगे हैं, वहीं कई तरह के खुलासे करने जरूरी होते जा रहे हैं। ऐसे में पीएसयू का विनिवेश न सिर्फ निवेशकों लिए अच्छी खबर है तो वहीं म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए यह बड़ा मौका होगा जिसमें कोई चूकना नहीं चाहेगा।

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  • Web Title:विनिवेश से खिलेगा म्यूचुअल फंड का चेहरा