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अंतर्मुखी न बनें

प्राइवेट सेक्टर में नौकरी ढूंढ़नी हो तो आपको थोड़ा बहिर्मुखी यानी बातूनी और मिलनसार होना होगा क्योंकि अंतर्मुखी व्यक्ति मितभाषी और अपने आप में खोया और सिमटा रहने के कारण अपनी योग्यता का ठीक से प्रचार नहीं कर पाता और अपनी मार्केटिंग में नाकाम हो जाता है। सच बात ये है कि अच्छी नौकरी हासिल करने के लिए उसे भी अपना नेटवर्क मजबूत करना ही पड़ता है। ये काम कैसे करें, इसके कुछ तरीके हम यहां दे रहे हैं।

मेलजोल बढ़ाएं: अंतर्मुखी व्यक्ति अक्सर समूह में लोगों से मेलजोल बढ़ाने में दिक्कत महसूस करते हैं। इसलिए उन्हें लोगों से व्यक्तिश: मिलकर आपसी संबंध प्रगाढ़ करने की नीति पर चलना चाहिए। बेशक इसमें वक्त ज्यादा जाया होता है, लेकिन याद रखें इस तरकीब से बनने वाला संबंध ज्यादा गहरा और टिकाऊ होने के साथ फायदेमंद भी होता है।
खुलापन अपनाएं: आपने देखा होगा कि कई लोग हर कहीं हर तरह के लोगों के साथ घुल मिल जाते हैं। वे मानते हैं कि हर शख्स कभी काम आ सकता है। इस बात में वाकई दम है। इसलिए आप जब कभी कहीं जाएं, तो अपनी तमाम सीमाओं के बावजूद हर तरह के लोगों से मेलजोल बढ़ाने का प्रयास करें। ऐसे बनने वाले संबंध दोनों पक्षों के लिए अच्छे साबित होते हैं। 
बात करना सीखें: छोटी-मोटी बात से की गई संबंध की शुरुआत क्या अंजाम दिलाएगी, इसका आभास पहले से कोई नहीं कर सकता। इसलिए शुरुआत करने में क्या बुराई है? सच कहें, तो बातचीत की पहल करना एक कला है, जो किसी भी संबंध की सबसे बड़ी बुनियाद साबित होती है। पहली बातचीत का विषय चुनना कठिन नहीं है। मौसम, सेहत या आज की ताजा खबर जैसे विषयों का आखिर इससे अच्छा इस्तेमाल क्या हो सकता है?
लाइन पर जाएं: क्या आप नहीं जानते कि ये ज़माना ऑनलाइन का है? अगर आपको लोगों से आमने-सामने मिलने और बतकहे लगाने में परेशानी या झिझक महसूस होती है, तो इंटरनेट है न।

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