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योजनाओं की धीमी प्रगति से सीएम नाराज

शहरी विकास विभाग की जेएनएनयूआरएम और एडीबी सहायतित उत्तराखंड अरबन सेक्टर डेवलपमेंट इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम की योजनाओं से सीएम संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने मलिन बस्ती सुधार योजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने जेएनएनयूआरएम के अन्तर्गत देहरादून, हरिद्वार एवं नैनीताल के लिए स्वीकृत 145 सिटी बसों के संचालन के लिए उत्तराखंड शहरी परिवहन प्राधिकरण के गठन के निर्देश दिए।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री डा़ निशंक ने कार्यो की समीक्षा के दौरान सभी योजनाओं में तेजी लाने को कहा। बैठक में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक भी मौजूद रहे। सीएम ने देहरादून में लोनिवि से चौराहा सुधारीकरण योजना में एमडीडीए को भी शामिल करने को कहा। उन्होंने कहा कि आयुक्त की अध्यक्षता में एक समीति बनाई जाए। उन्होंने मसूरी में अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम, बहुउद्देश्यीय प्रेक्षागृह का निर्माण और पार्किंग स्थलों का विकास प्राथमिकता पर किया जाना है।

सीएम ने कहा कि विजन-2020 के तहत उत्तराखंड के सभी शहर आदर्श शहर होने चाहिए। पेयजल योजनाओं के लिए उन्होंने अपर सचिव अमित नेगी को निर्देश दिए। जलनिगम द्वारा बनाई जा रही सीवरेज योजनाओं में विशेषज्ञों की उपस्थिति आवश्यक बताई। बीएसयूपी पर सीएम ने कहा कि उत्तराखंड के सभी शहरों में मलिन बस्तियों में रहने वालों को समयबद्घ तरीके से पक्के मकानों समेत कई सुविधाएं मुहैया करानी है।

उन्होंने मण्डलायुक्त को मलिन बस्ती सुधार कार्यक्रमों में तेजी लाने के निर्देश दिए। कार्यवाहक सीएस नपलच्याल ने बताया कि जेएनएनयूआरएम की शहरी अवस्थापना योजना में 3 मिशन शहरों देहरादून, हरिद्वार एवं नैनीताल के लिए 2005 से 2012 तक की अवधि के लिए राज्यांश सहित कुल 256.68 करोड़ का परिव्यय उपलब्ध है। इसके सापेक्ष 234 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं और 50.61 करोड़ रुपये का व्यय कार्यदायी संस्थाओं द्वारा किया जा चुका है।

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