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रोडवेज बसों का किराया बढ़ा, टोल टैक्स खत्म

यूपी में रोडवेज की बसों पर सफर करना अब महँगा होगा। सरकार ने छठे वेतनमान से बढ़े आर्थिक बोझ से निपटने के लिए राजस्व बढ़ाने की कवायद के तहत रोडवेज बसों के किराए में 21 फीसदी की वृद्धि कर दी है। मुख्यमंत्री मायावती की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इससे सम्बंधित प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। यह वृद्धि शहरी इलाकों में चलने वाली सभी तरह की बसों और एसी बसों पर भी लागू होगी। जनता ग्रामीण बसों के किराए में वृद्धि से 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। सरकार का तर्क है कि गए चार साल से रोडवेज बसों का किराया नहीं बढ़ाया गया जबकि डीजल की कीमत में कई बार इजाफा हुआ।  

 बसों का किराया जरूर बढ़ा है लेकिन कैबिनेट ने नदियों के पुलों पर वसूला जाने वाला टोल टैक्स (पथकर) समाप्त कर दिया है। लेकिन यह फैसला राष्ट्रीय राजमार्ग, बीओटी और ट्रिपल पी के तहत निर्मित पुलों पर लागू नहीं होगा। विभागों/ठेकेदारों के माध्यम से नदियों के पुलों पर वैरियर लगाकर टोल टैक्स वसूलने की व्यवस्था में सरकार के संज्ञान में आया था कि ठेके की अवधि समाप्त होने पर माफिया वाहनों को रोककर टौल टैक्स वसूली करते हैं। इससे पुलों पर अनावश्यक रूप से जाम लगता था। जबकि इससे राजस्व की प्राप्ति मामूली होती थी।

यह फैसला इसलिए और लिया गया क्योंकि वन विभाग और वाणिज्य कर के वैरियर पहले ही समाप्त किए जा चुके हैं। कैबिनेट ने महामाया आवास योजना के तहत लाभार्थियों की पात्रता की अर्हता नए सिरे से निर्धारित करते हुए यह तय किया है कि बीपीएल सर्वे 2002 के आधार पर तैयार की गई स्थाई प्रतीक्षा सूची में सूचीबद्घ होने की शर्त खत्म कर दी जाएगी। आवास विहीन व अस्थाई झोपड़ियों मे रहने वाले अनुसूचित जाति/जनजाति के परिवारों को महामाया आवास उपलब्ध कराया जाएगा। पात्रता के मानदण्ड निर्धारित करने के लिए प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास की अध्यक्षता में समिति बनाई जाएगी। समिति की संस्तुतियों को मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद लागू किया जाएगा। 

कैबिनेट ने नवसृजित छह राजकीय मेडिकल कालेजों - कन्नौज, आजमगढ़, जालौन, अम्बेडकर नगर, बांदा व सहारनपुर और दो पैरामेडिकल कालेजों झांसी और सैफई को पूरा किए जाने व इनमें पीपीपी गाइडलाइन्स से का अनुपालन करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। स्पेशल कम्पोनेन्ट प्लान के तहत बन रहे चार मेडिकल कालेजों कन्नौज, जालौन, अम्बेडकरनगर, एवं सहारनपुर व पैरामेडिकल कालेज झांसी के सम्बन्ध में समाज कल्याण विभाग की गाइडलाइन्स एवं परामर्श के अनुसार पीपीपी माडल पर संचालित किए जाने की सैद्घान्तिक स्वीकृति भी दी गई। इन सभी मेडिकल कालेजों में हरेक में एमबीबीएस की 100-100 सीटों के अध्ययन का प्रस्ताव है।

कैबिनेट ने पीपीपी योजना के तहत तकनीकी शिक्षण संस्थाओं की स्थापना व उनका संचालन करने के लिए चयन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। पीपीपी  योजना के तहत स्थापित एवं संचालित की जाने वाली तकनीकी शिक्षण संस्थाओं में मुरादाबाद मण्डल के अन्तर्गत छह आईटीआई छजलैट, धनौरा, जोया, किरतपुर, बुढ़नपुर-स्योहारा, मिलक व 8 पॉलीटेक्निक कोसी कला, दनकौर, बुलंदशहर, हापुड़ , मऊरानीपुर, बिल्हौर, मवाना व धामपुर शामिल हैं। कैबिनेट ने श्रम विभाग (कारखाना और ब्वायलर प्रभाग) अधिकारी सेवा (तृतीय संशोधन) नियमावली-2009 को लागू किए जाने के लिए मंजूरी दे दी है। इसके अलावा कैबिनेट ने विधान सभा व विधान परिषद के समूह घ के सभी पदों के लिए एक समाचार पत्र की सुविधा देने का निर्णय भी लिया है।

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