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जौनपुर में कोर्ट से कागजात चुराते दरोगा दबोचा गया

स्थानीय तहसील परिसर में शुक्रवार को एसडीएम न्यायालय से पत्रवली चुराकर जेब में रखने वाले सब इंस्पेक्टर को अधिवक्ताओं ने दबोच लिया। यह दारोगा बाराबंकी में तैनात है और जौनपुर के मछलीशहर का मूल निवासी है। अधिवक्ताओं ने उनकी जेब से पत्रवली का पन्ना निकाल कर पुन: फाइल में नत्थी कर दी।

जानकारी के अनुसार एसडीएम बालमयंक मिश्र के न्यायालय में शेषमणि बनाम गांव सभा ग्राम नीभापुर का दफा 41 एलआर एक्ट भूमि की पैमाइश का मुकदमा चल रहा था। मुकदमे में नीभापुर निवासी शेषमणि तिवारी पुत्र गौरीशंकर तिवारी वादी हैं। श्री तिवारी बाराबंकी जिले के एक थाने पर थानाध्यक्ष के पद पर तैनात हैं। पत्रवली में 30 अक्टूबर को प्रारम्भिक रिपोर्ट लग चुकी थी। इस बीच शेषमणि के विपक्षी दिनेश कुमार तिवारी को मुकदमे का पता चला तो तहसील आकर उसने अपने अधिवक्ता अशोक कुमार श्रीवास्तव के माध्यम से पांच नवम्बर को आपत्ति लगवायी। आपत्ति लगाने का पता जब थानाध्यक्ष शेषमणि को हुआ तो उसने आज आकर अलहमद अयूब खां से पत्रवली मांगी।

पत्रवली पाते ही एसओ ने उसमें से वकालतनामा का दो पन्ना आपत्ति और विपक्षी द्वारा दाखिल अन्य कागजात निकाल लिये। अलअहमद को जब पत्रवली वापस की गयी तो उसमें से दो पन्ने गायब थे। वर्दी में आये थानाध्यक्ष को देख उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। इतने में भारी संख्या में अधिवक्ता एकत्रित हो गये और थानाध्यक्ष को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर पत्रवली से चुराये गये कागजात दरोगा की जेब में मिले।

इस बात को लेकर अधिवक्ताओं ने हंगामा खड़ा कर दिया। मौके पर पहुंचे दिनेश चन्द्र सिन्हा, यज्ञ नारायण सिंह, अशोक श्रीवास्तव आदि अधिवक्ताओं ने बीचबचाव किया। बाद किसी प्रकार लोगों का गुस्सा शांत हुआ। सार्वजनिक तौर पर थानाध्यक्ष ने अधिवक्ताओं से माफी मांगी और वहां से चलते बने। जब इस घटना की जानकारी एसडीएम को हुई तो उन्होंने तत्काल पत्रवली तलब करते हुए अपने कब्जे में ले ली।

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