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सहायता तो मिलेगी पर विशेष का दर्जा नहीं : अहलूवालिया

योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा है कि केन्द्रीय सहायता से बिहार के विशेष राज्य के दर्जा की कमी की भरपाई हो सकती है। विशेष पैकेज इस कमी को काफी हद तक दूर कर सकता है। बिहार का विकास कैसे हो इस पर विचार और काम दोनों होना चाहिए।

बिहार पिछड़ा राज्य भले है लेकिन इसके नाम कई उपलब्धियां हैं। पिछले 5-6 वर्षो में बिहार ने कई सेक्टर में अच्छी तरक्की है। विशेष राज्य का दर्जा देने के संबंध में अपनी असमर्थता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह काम तो एनडीएस का है लेकिन बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया तो अन्य राज्य भी यह मांग उठाएंगे। फिर नई परेशानी खड़ी होगी।

श्री अहलूवालिया ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कई मांगों के प्रति व्यक्तिगत सहमति दी। यही नहीं उन्होंने उन सुझावों को केन्द्र व वित्त मंत्रलय तक पहुंचाने का आश्वासन भी दिया।  उन्होंने कहा कि सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थियों को देने का प्रयोग किया जाना चाहिए। यह प्रयोग ब्राजील, मेक्सिको समेत कई देशों में प्रायोगिक तौर पर काफी सफल हो रहे हैं।

गरीबों के मापने के मापदंड को गलत ठहराने के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इसके लिए विशेषज्ञों की कमेटी बनाई है जो शीघ्र ही इस संबंध में अपनी रिपोर्ट देगी। इसी मुद्दे पर आयोग बनाने के मुख्यमंत्री के सुझाव पर उन्होंने कहा कि वे मंत्रलय में इसके लिए विमर्श करेंगे।

उन्होंने बाढ़ समस्या पर मदद का भी भरोसा दिलाया और कहा कि केन्द्र अपने स्तर से नेपाल से वार्ता करता है लेकिन राज्य भी बाढ़ से बचाव के लिए योजनाएं बनाए और उनका डीपीआर केन्द्र को भेजे। वे केन्द्रीय जल संसाधन मंत्रलय से सहयोग को कहेंगे।

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