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बैंक एकीकरण पर वित्त मंत्रालय व सरकारी बैंकों की बैठक

बैंक एकीकरण पर वित्त मंत्रालय व सरकारी बैंकों की बैठक

वित्त मंत्रालय ने विलय एवं अधिग्रहणों के जरिये बड़े बैंकों को अस्तित्व में लाने की संभावना पर विचार के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंकों के साथ विचार-विमर्श किया है। वित्त मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव जीसी चतुर्वेदी द्वारा बुधवार रात बुलाई गई इस बैठक में पांच प्रमुख सरकारी बैंकों पंजाब नेशनल बैंक, बैंक आफ बड़ौदा, केनरा बैंक, यूनियन बैंक आफ इंडिया तथा ओरियंटल बैंक आफ कामर्स के प्रमुख शामिल हुए।
   
यूनियन बैंक आफ इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक एमवी नायर ने कहा कि यह शुद्ध रूप से विचार-विमर्श बैठक थी, जिसमें बैंकों को एकीकृत करने के मसले पर विचारों को रखा गया। नायर ने बताया कि एक विचार यह भी था कि नरसिम्हन समिति की रिपोर्ट के अनुरूप यह अच्छा होगा कि देश में चार बड़े बैंक हों, जिनकी अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी भी हो।
   
समझा जाता है कि बैंकों ने इस विचार का समर्थन किया कि बैंकों का आकार बड़ा होना चाहिए, जिससे भारतीय उद्योग जगत की विदेशों में अधिग्रहण की आवश्कताओं के लिए वित्त की जरूरत को पूरा किया जा सके।
   
बैंक आफ बड़ौदा के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक एमडी माल्या ने कहा कि अगर ऐसा होता है, तो उद्योग के लिए अच्छा होगा। एकीकरण से बैंकों का आकार बढ़ेगा। हालांकि, इसे हर मामले के आधार पर देखा जाना चाहिए।

केनरा बैंक के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक एसी महाजन ने कहा कि हमने अपने विचार दे दिए हैं। वे जानना चाहते थे कि इससे क्या मुद्दे उठ सकते हैं। हमने उन्हें अपने विचार बता दिए हैं।

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