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उल्फा ने पहली बार माना, चीन में हैं शिविर

उल्फा ने पहली बार माना, चीन में हैं शिविर

प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन युनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) ने पहली बार यह स्वीकार किया है कि उसने चीन सहित अन्य देशों में अपने शिविर स्थापित किए हैं। उल्फा के दो वरिष्ठ नेताओं ने पूछताछ के दौरान पुलिस को यह जानकारी दी। यह पहला मौका है जब प्रतिबंधित संगठन उल्फा ने चीन में अपने शिविर स्थापित करने की बात स्वीकार की है।

संगठन के 'विदेश सचिव' सशा चौधरी और 'वित्त सचिव' चित्रबन हजारिका 6 नवंबर से ही पुलिस रिमांड पर हैं। दोनों नेताओं ने पुलिस को पूछताछ के दौरान बताया है कि बांग्लादेश के अलावा उनके शिविर चीन सहित कई अन्य देशों में भी हैं।

असम की विशेष अभियान यूनिट (एसओयू) के मुताबिक दोनों नेताओं ने स्वीकार किया कि असम से जबरन वसूली कर करोड़ों रुपये बांग्लादेश, चीन और अन्य देशों में उल्फा नेताओं को भेजे गए। पूछताछ की रिपोर्ट गुवाहाटी अदालत में मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत की गई।

दोनों नेताओं से पूछताछ के बाद तैयार की गई इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कई विदेशी एजेंसियों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने उल्फा नेताओं को सहायता उपलब्ध कराई है। वे उल्फा के लिए चीन, बांग्लादेश और अन्य देशों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।

दोनों नेताओं ने यह भी बताया है कि उल्फा ने चीन और पाकिस्तान से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक लाकर उसे देश के विरूद्ध इस्तेमाल करने की योजना बनाई थी।

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