DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अमेरिका-चीन संबंध से चिंतित न हो भारतः ब्लेक

अमेरिका-चीन संबंध से चिंतित न हो भारतः ब्लेक

अमेरिका-चीन संयुक्त बयान में भारत-पाक संबंधों के जिक्र से भड़के भारत का मान मनव्वल करते हुए अमेरिका ने साफ किया कि भारतीय नेताओं को ही पाकिस्तानी नेताओं के साथ मिल कर अपने रिश्तों की दृढ़ता, दायरा और रफ्तार तय करना है।

अमेरिकी विदेश उपमंत्री एवं दक्षिण व मध्य एशिया मामलों के प्रभारी राबर्ट ब्लेक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हमने भारत-पाक रिश्तों के संदर्भ में हमेशा ही कहा है कि यह सचमुच भारत और पाकिस्तान को ही उसका कैसे और कब और दायरा तय करना है।

बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और चीनी राष्ट्रपति हू जिनताओ के बीच वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में भारत-पाक रिश्तों के जिक्र से भड़के भारत का मान-मनव्वल करते हुए अमेरिका ने कहा कि चीन के समान ही भारत के साथ भी उसके रिश्ते उतने ही महत्वपूर्ण हैं।

ब्लेक ने कहा कि मैं समझता हूं कि यह स्पष्ट रूप से अगले हफ्ते प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की यात्रा के दौरान साफ हो जाएगा। भारत ने ओबामा और हू के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया की थी, जिसमें दोनों नेताओं ने भारत-पाक रिश्तों में सुधार के प्रति समर्थन जताया था और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता को बढ़ावा देने पर रजामंदी जताई थी।

भारत ने साफ कर दिया था कि किसी तीसरे देश की भूमिका पर ना तो विचार किया जा सकता है और ना ही यह जरूरी है। ब्लेक ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के मित्र के रूप में अमेरिका ने हमेशा दोनों देशों को मुलाकात करने और अपने मतभेदों को कम करने के लिए प्रोत्साहित किया है।

अमेरिकी नेता ने कहा कि इस बार पहल पाकिस्तान की तरफ से आनी चाहिए। मैं समझता हूं कि प्राथमिकता पाकिस्तान के लिए है कि वह मुंबई हमलों के संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई करे जो उसकी हिरासत में हैं और साथ ही यह सुनिश्चित करे कि सरहद पार से कोई घुसपैठ नहीं हो और यह कि पाकिस्तान का उपयोग भारत पर या किसी पड़ोसी देशों पर आतंकवादी हमला के लिए नहीं हो।

ब्लेक ने कहा कि पाकिस्तान यह करना चाहता है और उन्होंने लगातार कहा है कि वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि पाकिस्तानी सरजमीन का उपयोग किसी मंच के रूप में नहीं हो। अत:, ये वे क्षेत्र हैं जहां हम कुछ कर सकते हैं, कोई भूमिका निभा सकते हैं।

 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अगले सप्ताह अमेरिकी यात्रा के दौरान यह बात एकदम स्पष्ट हो जाएगी। अफगानिस्तान और पाकिस्तान में स्थिरता लाने में चीन की रुचि का स्वागत करते हुए ब्लेक ने कहा कि ओबामा प्रशासन मानता है कि चीन की खासतौर पर अफगानिस्तान में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है जहां उसने बड़े पैमाने पर निवेश किया है।

उन्होंने कहा कि दुनिया के ज्यादातर अन्य देशों की तरह स्थायित्व के लिए चीन के योगदान का हम स्वागत करते हैं जो क्षेत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत-पाक संबंधों के बारे में हमने हमेशा कहा है कि यह वाकई भारत और पाकिस्तान को तय करना है कि यह कब और कैसे होंगे एवं क्या अवसर होंगे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:ओबामा के `चीन प्रेम' के बाद अब डैमेज कंट्रोल