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नो मैंस लैंड पर बना डाले खेत

भारत, नेपाल सीमा पर नो मैंस लैंड पर अतिक्रमण का मुद्दा एक बार फिर गरमाने के आसार हैं। नेपाल कम्यूनिस्ट पार्टी माओवादी की युवा विंग वाईसीएल ने खटीमा के आसपास के क्षेत्रों में ऐसे स्थलों को चिन्हित करने के लिए अभियान शुरू किया है।

संगठन का कहना है कि, नो मैंस लैंड पर किए जा रहे अतिक्रमण के खिलाफ नेपाल में अभियान शुरू किया जाएगा। इधर, ऊधम सिंह नगर के एसएसपी जीएन गोस्वामी ने कहा है कि, अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्व विभाग कार्रवाई करे तो पुलिस सहयोग करने के लिए तैयार है।

खटीमा क्षेत्र में मेलाघाट, बनबसा, चकरपुर, लालकोठी, सैलानी गोठ, गढ़ीगोठ, सुन्दर नगर क्षेत्र की सीमाएं नेपाल से लगती हैं। सीमा प्रदर्शित करने के लिए पिलर लगाए गए हैं लेकिन इनके क्षतिग्रस्त हो जाने से दोनों देशों के अतिक्रमणकारियों ने नो मैंस लैंड पर अतिक्रमण कर लिया है। टनकपुर से खटीमा क्षेत्र की भारत नेपाल सीमा को पिलर 1 से 19 में बांटा गया है। इन पिलरों के बीच में 100 से 200 मीटर की दूरी पर कई सब पिलर बनाएं गए हैं। लेकिन इनमें से पिलर नम्बर 12 पूरी तरह गायब है। पिलर नंबर 6 व 7 अतिक्रमण की चपेट में है।

वाईसीएल के मीडिया प्रभारी जंग बहादुर का कहना है कि, उन्होंने सीमा पर नेपाल की ओर से नो मैंस लैण्ड पर हुए अतिक्रमण का सर्वे किया है। उन्होंने अतिक्रमणकारियों के खिलाफ अभियान चलाने की बात कही है। इधर, एसएसबी के डीआईजी बंधोपाध्याय का कहना है कि, भारत नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ाते हुए सीमा पर महिला जवानों की भी तैनाती शुरू कर दी गयी है।

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