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गढ़वाल में 161 स्कूलों का विलय

गढ़वाल मंडल के 161 स्कूलों को उनके निकट के स्कूल में मर्ज कर दिया गया है। पूरे मंडल में 127 ऐसे स्कूल पाए गए हैं, जिनमें एक भी शिक्षक नहीं है। 210 स्कूल शिक्षामित्रों को भरोसे चल रहे हैं। जिन स्कूलों को मर्ज किया गया है उनके शिक्षकों को शिक्षकविहीन और शिक्षामित्रों वाले स्कूलों में भेजा जाएगा। गढ़वाल मंडल में औसत दसवां स्कूल ऐसा है जो एक शिक्षक/शिक्षामित्र के भरोसे है।

गढ़वाल मंडल के स्कूलों को विलय करने और शिक्षकों की स्थिति के बारे में शासन को रिपोर्ट मिल गई है। गढ़वाल मंडल में 256 स्कूलों को विलय किया जाना है उनमें से 161 स्कूल मर्ज कर दिए गए हैं। ये ऐसे स्कूल हैं जिनमें छात्र संख्या शून्य है या वे एक ही परिसर में अलग-अलग नाम से संचालित हो रहे हैं। उन्हीं स्कूलों को आपस में मर्ज किया गया है जो एक किमी के दायरे के अंतर्गत हैं।

उत्तरकाशी में 23, टिहरी में 40, दून में 22, हरिद्वार में 31 और पौड़ी में 11 स्कूल ऐसे पाए गए हैं, जिनमें एक भी शिक्षक नहीं है। 1119 स्कूलों में केवल एक-एक शिक्षक हैं। ऐसे स्कूलों की संख्या उत्तरकाशी में 81, टिहरी में 375, दून में 70, हरिद्वार में 99, पौड़ी में 131, चमोली में 266, और रुद्रप्रयाग में 97 में पाई गई है।

इनके अलावा 210 (उत्तराकाशी में 47, दून में 81, हरिद्वार में 6, पौड़ी में 17, चमोली में 59) स्कूल शिक्षामित्र के भरोसे चल रहे हैं। एकल शिक्षक, शिक्षामित्र और शिक्षक विहीन श्रेणी के इन 1456 स्कूलों में उन शिक्षकों को भेजा जाएगा जो 161 स्कूलों को मर्ज किए जाने से सरप्लस हुए हैं। एकल शिक्षक/शिक्षामित्र वाले स्कूलों के अक्सर बंद रहने की शिकायतें भी मिली हैं।

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