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बागपत के सांसद को नहीं जारी हुआ पैसा

वित्तीय वर्ष 2009-10 का आठवां महीना समाप्त होने को है, लेकिन बागपत के सांसद चौ.अजित सिंह की सांसद योजना में एक पैसा जारी नहीं हुआ है। वहीं दूसरी ओर मई में संपन्न लोकसभा चुनाव के बाद अन्य चार सांसदों को एक-एक करोड़ की राशि जारी हो चुकी है।

आरोप है कि छोटे चौधरी के खाते से एक करोड़ 46 लाख रुपये खर्च नहीं हुआ है और जब तक खाते में एक करोड़ से कम राशि नहीं होगी तो केन्द्र पैसा जारी नहीं करेगी। गलती किसकी है? माननीय सांसद या नौकरशाही की। कहीं वेबसाइट पर मेरठ मंडल की गलत रिपोर्ट तो दर्ज नहीं है? इस पर सवाल उठ खड़ा हुआ है। कमिश्नर ने इस मामले में विस्तृत जांच का आदेश दिया है। जांच की जिम्मेदारी डीएम को दी गई है।

सूत्रों ने बताया कि भारत सरकार की वेबसाइट पर मेरठ मंडल के सांसद योजना की जो रिपोर्ट दर्ज है उस पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। रिपोर्ट में दर्ज है कि मेरठ मंडल के जिलों में 14 वीं लोकसभा के पांच माननीय सांसदों का पांच करोड़ 95 लाख पैसा खर्च नहीं हुआ है। इस पर शासन ने नाराजगी जताई है। इसमें सबसे अधिक दो करोड़ 35 लाख बुलंदशहर के पूर्व सांसद और हाल में चर्चा में आए कल्याण सिंह का है। इसके बाद बागपत के सांसद चौ.अजित सिंह की सांसद योजना में एक करोड़ 46 लाख, मेरठ में तो सांसद शाहिद अखलाक की सांसदी समाप्त होने के कारण 75 लाख, गाजियाबाद के पूर्व सांसद एसपी गोयल के खाते में 74 लाख और खुर्जा के पूर्व सांसद अशोक प्रधान के खाते में 65 लाख दिखाया जा रहा है। चौ.अजित को छोड़कर अन्य चार या तो पूर्व हो गए अथवा उनका क्षेत्र बदल गया।

इस कारण भारत सरकार ने वर्ष 2009-10 में मेरठ के सांसद राजेन्द्र अग्रवाल, गाजियाबाद के सांसद राजनाथ सिंह, गौतमबुद्ध नगर के सांसद सुरेन्द्र नागर, बुलन्दशहर के सांसद कमलेश वाल्मीकी के नाम एक-एक करोड़ की राशि जारी हो गई है। वेबसाइट की इन सारी सूचनाओं और शासन की नाराजगी के बाद अब कमिश्नर ने बागपत के डीएम से रिपोर्ट तलब की है। साथ ही अन्य सभी डीएम को सांसदों की योजनाओं पुशंसा प्राप्त कर काम कराने को कहा है। इसके बाद भी पैसा रहने पर जिम्मेदारी तय करने को कहा गया है।

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