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चंद्रप्रभा को लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड

आईएमएफ ने पद्मश्री चंद्रप्रभा एतवाल को पर्वतारोहण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर पहली बार लाइफ टाइम एचीवमेंट आवार्ड से नवाजा। मुख्यालय पहुंचने पर एतवाल का विभिन्न संगठनों ने अभिनंदन किया।
राज्य में पर्वतारोहण को नई दिशा देने में जुटी 68 वर्षीय चंद्रप्रभा एतवाल बतौर साहसिक पर्यटन अधिकारी से वर्तमान तक एक दजर्न से अधिक नामचीन चोटियों पर सफलता के झंडे गाड चुकी है।

पर्वतारोहण के हुनर, हौसले व जानकारी पर ही भारत सरकार ने चंद्रप्रभा एतवाल को 1981 में अजरुन अवार्ड, 1990 में पद्मश्री, 1993 में जनजाति का रंगरती, 1994 में नेशनल एडवेंचर अवार्ड, 2002 में गढ़ गौरव, सिल्वर मेडल जैसे कई सम्मान मिले हैं। इस वर्ष 68 वर्ष की उम्र में 7075 मीटर सतोपंथ, 6137 मीटर श्रीकंठ पर्वत श्रृंखला पर तिरंगा लहराने के हौसले को देखते हुए भारतीय पर्वतारोहण संघ ने गत 13 नवंबर को दिल्ली में केन्द्रीय खेल मंत्री एमएस गिल के हाथों संघ का पहला पुरस्कार नैन सिंह किशन सिंह लाइफ टाईम एचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया।

अवार्ड लेकर उत्तरकाशी पहुंची चंद्रप्रभा एतवाल ने आईएमएफ का आभार जताते हुए कहा कि साहसिक खेलों में जो मेहनत है, तकनीकी व चुनौतियां है, वह खेलने वाला ही जनता है। बावजूद इसके प्रचार-प्रसार न होने से साहसिक खेलों के प्रति सरकारें ठोस नीति बनाने को तैयार नहीं है। उन्होंने उत्तराखंड को पर्वतारोहण व साहसिक खेलों की खान बताते हुए सरकार को सीजन व ऑफ सीजन के खेल संचालित करने को रणनीति बनाने चाहिए।

सुश्री एतवाल ने बताया कि साहसिक खेलों की जो संभावनाएं है, वह आज भी साकार नहीं हुए है, उन्हें आज भी इस सपने को साकार होने की उम्मीदें है। इधर अनघा माउटनेरिंग एसोसिएशन, नगर पालिका परिषद केअध्यक्ष,
होटल एसोसिएशन समेत अन्य संगठनों ने चंद्रप्रभा एतवाल को मिले सम्मान पर खुशी जताते हुए उनका अभिनंदन किया। इस मौके पर पालिका अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौहान, राजेन्द्र पंवार, दीपेन्द्र पंवार, अजय भारत पुरी, जगेन्द्र भण्डारी, करन कुटियाल समेत अन्य मौजूद रहे।

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