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बड़े बकायेदारों से वसूली को चलाएं अभियान


राज्य की वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए मुख्यमंत्री डा.रमेश पोखरियाल निशंक ने अधिकारियों से प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बड़े बकायेदारों से वसूली के लिए विशेष अभियान चलाने के साथ ही एक मुश्त समाधान योजना के तहत लंबित राशि जमा कराएं।

मुख्यमंत्री ने गुरूवार को सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में कहा कि उन्होनें व्यापार कर की चौकियों को और अधिक सक्रिय बनाकर कर बढ़ाने पर भी जोर दिया। सभी जिलाधिकारियों को नियमित समीक्षा कर जनपद में वसूली बढ़ाने के लिए कार्य करने के निर्देश दिए।

उन्होंने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई कि  ऊर्जा निगम का निजी संस्थाओं व सरकारी विभागों पर 1400 करोड़ बकाया है लेकिन राशि वसूलने के लिए अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने निगम के प्रबन्ध निदेशक को कार्य प्रणाली में सुधार लाकर बड़े बकायेदारों से शत-प्रतिशत वसूली करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इस कार्य में जिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर कार्य किया जाए। इस संबंध में अपर सचिव को प्रगति की रिपोर्ट 3 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिये। 

डा.निशंक ने कहा कि 2500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार राज्य सरकार पर होने के कारण आय के स्रोतों को बढ़ाने की जरुरत है।  लेकिन इसमें कम आय वर्ग के लोगों के हितों का ध्यान में रखा जाय। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिये कि खनन लगी रोक को हटाने के लिए केन्द्र से प्रभावी पहल करें। इस संबंध में केन्द्र को पत्र भी भेजे। इसके कारण राज्य को प्रतिवर्ष प्राप्त होने वाली लगभग 65 करोड़ रुपये की आय प्रभावित हो रही है।

उन्होंनें व्यापार कर की चोरी रोकने के लिए चैक पोस्टों के विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि व्यापार कर के वार्षिक लक्ष्य 150 करोड़ रुपये को शत-प्रतिशत हासिल करने के लिए समस्त जिलाधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए कहा।

बैठक में कार्यवाहक मुख्य सचिव एऩएसऩपलच्याल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री सुभाष कुमार, प्रमुख सचिव वित्त आलोक जैन, सचिव नियोजन राधा रतूड़ी आदि उपस्थित थे।

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