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26/11 के मुजरिमों पर पाक करे कार्रवाईः अमेरिका

26/11 के मुजरिमों पर पाक करे कार्रवाईः अमेरिका

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की वाशिंगटन यात्रा से पहले अमेरिका ने पाकिस्तान पर जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज सईद सहित मुंबई हमलों की साजिश रचने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए दबाव डालते हुए बुधवार को कहा कि वह नतीजे चाहता है।

लश्कर ए तैयबा को एक वैश्विक खतरा करार देते हुए भारत में अमेरिका के राजदूत टिमोथी जे रोमर ने कहा कि पाकिस्तान को खतरों की पहचान करनी चाहिए और अपनी भूमि पर मौजूद आतंकी ढांचे को नष्ट करना चाहिए।
प्रधानमंत्री सिंह की 24 नवंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से होने वाली बातचीत में पाकिस्तान की स्थिति, मुंबई हमले और आतंकवाद से निपटने में सहयोग एजेंडे में प्रमुख मुद्दे होंगे। अमेरिका आतंकी हमलों से निपटने के मामले में भारत के साथ कंधे कंधा मिलाकर लड़ना चाहता है।

दोनों नेता ऐतिहासिक असैन्य परमाणु करार को लागू करने के बारे में भी विचार-विमर्श करेंगे जिसमें दायित्व, लाइसेंसिंग और पुनर्प्रसंस्करण जैसे कुछ मुद्दों पर सहमति बनना शेष है। सिंह ओबामा बैठक में जलवायु बदलाव, शिक्षा और गरीबी उन्मूलन सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इस दौरान दोनों पक्षों द्वारा सामरिक वैश्विक भागीदारी पर आधारित एक नया संबंध शुरू किए जाने की संभावना है तथा वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए सहयोग का मार्ग तय किया जाएगा।

रोमर ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पाकिस्तान में सात मुंबई संदिग्धों को कानून के शिकंजे में लाया जाना चाहिए। हम पाकिस्तान में अपने भागीदारों से कार्रवाई और नतीजे चाहते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सईद को भी कानून के शिकंजे में लाया जाना चाहिए।

अमेरिकी राजदूत ने कहा कि विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेम्स जोंस ने हाल की अपनी पाकिस्तान यात्रा में पाकिस्तान को मजबूत तरीके से यह संदेश दे दिया है। रोमर ने यह बात इस ओर ध्यान दिलाए जाने पर कही कि पाकिस्तान में 26/11 मुकदमे में लगातार देरी हो रही है जबकि हमलों की पहली बरसी भी नजदीक आ गई है।

रोमर ने कहा कि पाकिस्तान को लश्कर ए तैयबा जैसे समूहों से खुद के लिए उत्पन्न होने वाले खतरों को देखना चाहिए और आतंकी ढांचों को नष्ट करने के बारे में अपना ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। लश्कर क्षेत्रीय खतरे से बढ़कर वैश्विक आतंकी समूह में तब्दील हो गया है।

रोमर ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा अपनी भूमि पर आतंकी समूहों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का अफगानिस्तान में कार्रवाई पर असर पड़ेगा। उन्होंने ध्यान दिलाया कि सिंह और ओबामा की बातचीत में इन देशों की स्थिति पर भी चर्चा की जाएगी। उन्होंने आतंकवाद से लड़ाई के लिए पाकिस्तान को दिए गए अमेरिकी धन को अन्य जगह पर खर्च किए जाने की भारत की चिंता के बारे में पूछे गए सवाल का कोई सीधा जवाब नहीं दिया लेकिन कहा कि अमेरिका पाकिस्तान के बारे में शीघ्र ही एक नई नीति घोषित करेगा जिसमें रक्षा, राजनयिक और विकास मुद्दे शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत आतंकवाद से अपने नागरिकों की रक्षा के लिए मिलकर काम करेंगे। इसके लिए सूचनाओं एवं प्रौद्योगिकी का आदान-प्रदान किया जाएगा।

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