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नस्ली हिंसा के शिकार भारतीय डॉक्टर को मिला न्याय

नस्ली हिंसा के शिकार भारतीय डॉक्टर को मिला न्याय

भारतीयों के खिलाफ अपराध को कायरतापूर्ण और निंदनीय बताते हुए विक्टोरिया की एक अदालत ने भारतीय मूल के चिकित्सक पर हमला करने वाले लोगों को लंबे कारावास की सजा सुनाई।

मीडिया रिपोर्ट में बुधवार को बताया गया है कि हैकरवाल प्रांत की काउंटी अदालत के न्यायाधीश जो गुल्लाकी ने 20 वर्षीय अल्फर अज्जोपरडी को साढ़े अठारह साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके तहत न्यूनतम सजा कम से कम साढ़े तेरह साल ही होगी। गुल्लाकी ने 20 वर्षीय अल्फर अज्जोपरदी को बेसबाल के बैट से मारा था।

ऑस्ट्रेलियाई मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व प्रमुख मुकेश हेयरकेरवाल गत वर्ष 27 सितंबर को उपगनरीय विलियम्सटाउन के एक पार्क में टहल रहे थे, तभी उनपर कुछ लोगों ने हमला किया।

एक अन्य सह अभियुक्त माइकल बाल्टातजिस को भी साढ़े सोलह साल के कारावास की सजा सुनाई गई। पैरोल पर रिहा होने की शर्तें पूरी करने के लिए उसे साढ़े दस साल के कारावास की सजा निश्चित तौर पर काटनी होगी। उसने दो महीने से अधिक की अवधि में अज्जोपरडी के साथ 23 सशस्त्र डकैती की घटनाओं में हिस्सा लिया था।

रिपोर्ट में बताया गया कि तीसरे व्यक्ति 20 वर्षीय सीन गैब्रिएल को नौ साल नौ महीने के कारावास की सजा सुनाई गई। उसे कम से कम छह साल के कारावास की सजा अवश्य काटनी होगी। सजा सुनाते हुए न्यायाधीश गुल्लाकी ने इन हमलों को कायरतापूर्ण और निंदनीय करार दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि प्रत्येक पीड़ित को सोचसमझ कर चुना गया और सब में एक बात आम थी कि वे कमजोर और अकेले थे और पार्कों या अन्य सार्वजनिक स्थलों पर थे।

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