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जहरीली गैस रिसाव, 59 भर्ती, पांच गंभीर

इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडेक्ट बनाने वाली मल्टीनेशनल सैमसंग कंपनी में दोपहर दो से तीन बजे के बीच गैस रिसाव होने से करीब 59 वर्कर (टेक्नीकल स्टाफ) बेहोश हो गए और करीब दो दजर्न से अधिक लोग रिसाव की खबर सुनकर भागने के कारण घायल हुए। घायलों में 5 की हालत गंभीर है। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। खबर लिखे जाने तक 8 लोग अस्पताल में भर्ती है जबकि सभी अन्य लोगो को उपचार के बाद छूट्टी दी गई है।

 
डाक्टरों के अनुसार प्राथमिक जांच में कार्बन मोनो आक्साइड ने इनकी हालत खराब होना बताया है। दूसरी तरफ सैमसंग कंपनी के सभी वरिष्ठ मौके से गायब हो गए। हैरानी की बात तो यह है कि घटना की जानकारी कंपनी प्रबंधन की जगह अस्पताल ने पुलिस व प्रशासन को दी। यही नहीं मौके पर जांच कर रहे पुलिसकर्मियों को भी कंपनी के लोगों ने गुमराह करने की कोशिश की और कहा कि केवल एक एलपीजी सिलेण्डर के लीक होने से यह घटना हुई। इसके अलावा स्थानीय थाना पुलिस ने मामले को करीब दो घंटे से अधिक दबाने का प्रयास किया, लेकिन जब स्थिति बिगड़ी तो शाम को वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। कंपनी प्रबंधन व थाने के गैर जिम्मेदाराना रवेये से गुस्साए डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। घटना के जानकारी के बाद कैलाश अस्पताल के बाहर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई, जिसके चलते पुलिस व्यवस्था बढ़ानी पड़ी। एसएसपी सहित फायर के अन्य अधिकारी घटनास्थल पर जांच कर रहे हैं।


जानकारी के अनुसार दिन के करीब दो बजे करीब कंपनी के वाशिंग मशीन बनाने वाली यूनिट में गैस रिसाव की शिकायत मिली। इस संबंध में कुछ लोगों ने प्रशासन से इसकी बात कही, लेकिन उसे अनसुना किया गया। करीब तीन बजे एक बार फिर कंपनी वर्करों ने काम रोक देने की बात कही, लेकिन प्रबंधन ने इंकार कर कार्य करने के लिए कहा। इसी बीच रिसाव तेजी से बढ़ गया, जिसके कारण प्लांट में कार्य कर रहे 50 से अधिक वर्कर बेहोश होने लगे। गैस रिसाव की जानकारी प्लांट में जब लगी तो कंपनी में काम रहे 300 से अधिक मजदूर इधर-उधर भागने लगे। इस भगदड़ में दो दजर्न से अधिक लोगों को गंभीर चोटें आई।


घायलों को अस्पताल कैलाश लाया गया है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार अब तक 59 लोग अस्पताल में आ चुके हैं और धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ रही है। इनमें से 5 लोगों की गंभीर हालत है और इन्हें आईसीयू इमरजेंसी में रखा गया है। तीन लोगों को वार्ड में शिफ्ट किया गया है जबकि अन्य सभी को देर रात छूट्टी दी गई है।

अस्पताल में आए सभी मरीजों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है और यह कार्बन मोनो आक्साइड के कारण है। यह जहरीली गैस होती है और शरीर में ज्यादा प्रवेश करे तो व्यक्ति की जान जा सकती है। यह तो अच्छा है कि समय पर सभी को लाया गया नहीं तो कई लोगों को बचाना संभव नहीं था।
डा.सरिका चंद्रा
इमरजेसी इंचार्ज कैलाश अस्पताल

किसी भी इलेक्ट्रोनिक उत्पाद बनाने वाली कंपनी में कार्बन मोनो आक्साइड प्रयोग नहीं होता है। अगर वहां ऐसा हुआ तो कुछ और कारण हो सकता है। हमारे यहां प्रोपीन व अन्य गैसें होती है जो जहरीली नहीं होती। हां मात्र अधिक हो जाए तो यही गैस जानलेवा होती है।
उमेश ढाल, एच आर हेड
एलजी इलेक्ट्रोनिक

मैं जब पहुंचा तो गैस की गंध मुङो कम आई। कार्बन मोनो आक्साइड कंपनी भी मना कर रही है। हमारी प्राथमिक जांच में  ‘मैक बांड ’ स्टीकर से गैस की दुगर्ध आ रही है। अगर इसे जलाया जाए तो इससे निकलने वाली गैस जहरीली होती है। हो सकता है यह हो, या फिर कोई केमिकल का प्रभाव। मामले की जांच जारी है। अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता।
महावीर सिंह
चीफ फायर आफिसर

हमारे यहां कार्बन मोनो आक्साइड गैस का इस्तेमाल नहीं होता, लेकिन डाक्टर इस गैस से लोगों के बीमार होने की बात कह रहे हैं। हमारी एक्सपर्ट टीम जांच कर रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा कि आखिरकार घटना कैसे हुई।
रविन्द्र कुमार
एच आर विभाग (प्रवक्ता) सैमसंग

जिस गैस से वर्कर बेहोश हुए है वह गंधहीन है,इस गैस का पता व्यक्ति के दम घूटने पर लगाता है,अभी कई जांचे हो रही है जिसके बाद तय होगा कि आखिरकार क्या हुआ।
डा.महेश शर्मा
सीएमडी कैलाश अस्पताल

कार्बन मोना आक्साइड की दुर्गध बहुत हल्की होती है,जैसे अंगीठी के पास से निकले धुंआ,यह पहले महसूस नहीं होती,लेकिन जब शरीर में यह ज्यादा प्रवेश करती है तो खून के हीमोग्लोबिन को कम कर देती है जिससे व्यक्ति की मौत होती है।
डा. जुगल किशोर
प्रोफेसर मोलाना आजाद मेडीकल कॉलेज
आईसीयू एमरजेंसी में भर्ती मरीज
हर्ष राय, अजय सिंह,  मोना , नीरु , प्रेमशंकर

एमरजेंसी में मरीज(जिन्हें उपचार के बाद छूट्टी दी गई)
विनोद, अखिलेश मिश्र, दिनेश, मनोज ,हेमराज, नरेन्द्र कौर, मनीष कुमार सिंह, अरविंद कुमार, नित्यानंद कुमार, ओ.पी.गुप्ता, मुकेश सिंह, कांत शर्मा, नरेन्द्र, कपिल तयागी, नन्हें पाण्डे, विनित, अरुण, वेद प्रकाश, शैतान सिंह, वेदपाल

महिलाएं : कुमारी आरती, टीटू, अंजू
इसके अलावा 30 स्टाफ के लोग कंपनी से तबीयत खराब होने पर घर चले गए।

घटनाक्रम
3 बजे करीब स्टाफ लोगों के सिर चकराने की शिकायत, आंखो से आंसू
3.10 पर कंपनी की डाक्टर टीम मौके पर, कहां घबराने की जरूरत नहीं, हल्की दवा दे काम पर भेजा
3:50 पर करीब दस लोग बेहोश, कंपनी की डाक्टर टीम ने उपचार शुरू किया
4:20 तक स्थिति भयावह, प्लांट के करीब 80 लोगों की हालत खराब
5:00 बजे सभी प्रभावित लोगों को कैलाश अस्पताल लाया गया
10.00 51 लोगों को उपचार कर छूट्टी दी गई।

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  • Web Title:जहरीली गैस रिसाव, 59 भर्ती, पांच गंभीर