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प्लाज्मा टीवी

आप लोगों ने प्लाज्मा टीवी के बारे में सुना होगा और इसकी कई खूबियों से आप परिचित भी होंगे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्लाज्मा टीवी किस तकनीक के आधार पर काम करता है और टीवी के मुकाबले यह क्यों बेहतर है। प्लाज्मा टीवी हाईडेफिनेशन टीवी (एचडीटीवी) होता है, जो कि आम तौर पर प्रचलित कैथोड किरण दूरदर्शी का विकल्प हैं।

क्या हैं तकनीक : प्लाज्मा एक वैज्ञानिक शब्द है, जिसको कि निऑन और जीनॉन जैसी गैस के संदर्भ में इस्तेमाल किया जाता है। द्रव, गैस और ठोस के अलावा प्लाज्मा को मैटर की चौथी अवस्था के रूप में भी जाना जाता है। टेलीविजन में हजारों की संख्या में छोटे-छोटे एलीमेंट होते हैं, जिन्हें पिक्सल कहा जाता है। रंगीन टेलीविजनों में तीन रंग मिलकर एक पिक्सल का निर्माण करते हैं। इनमें सामान्यत: तीन रंग लाल, हरा और नीला का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं प्लाज्मा टीवी में प्रत्येक पिक्सल अक्रिय गैस जैसे कि निऑन और जीनॉन के छोटे-छोटे कंटेनर से मिलकर बना होता है।

औसतन प्लाज्मा टीवी में हजारों की संख्या में ऐसे छोटे-छोटे टय़ूब होते हैं। प्रत्येक पिक्सल को दो इलेक्ट्रिकली चार्ज प्लेट के बीच में रखा जाता है। वैद्युत धारा का प्रवाह करने पर प्लाज्मा चमकता है। टीवी में लगा छोटा सा कंप्यूटर इलेक्ट्रिकल क्षेत्र को नियंत्रित करता है, जिसकी वजह से विभिन्न रंग का मिश्रण बनता है जो कि टीवी पर दिखते हैं।

फायदा  
-यह फ्लैट स्क्रीन टीवी होता है, जिसको कि आप सीधे दीवार पर लगा सकते हैं।
- इसमें इमेज और रंग दूसरे टीवी की तुलना में बेहतर दिखती है।      

(पाठकों की मांग पर)

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  • Web Title:प्लाज्मा टीवी