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डीएम ने अपना व अन्य बड़े अफसरों का वेतन रोका

जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना (मनरेगा) की खराब प्रगति की जिम्मेदारी अफसरों ने स्वीकार कर ली है। डीएम ने खुद अपना वेतन रोकने के साथ ही सीडीओ, पीडी और सभी खण्ड विकास अधिकारियों के वेतन का भुगतान रोक दिया है। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से मनरेगा के जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों में हड़कम्प की स्थिति है।

हाल ही में मनरेगा की समीक्षा में प्रतापगढ़ समेत कई जनपदों में योजना की प्रगति औसत से भी कम पाई गई थी। शासन स्तर पर हुई इस समीक्षा के बाद जिम्मेदार अधिकारियों को आगाह किया गया था। शासन की फटकार के बाद से ही योजना को पटरी पर लाने के लिए जिला प्रशासन जद्दोजहद में जुट गया था।

योजना की खराब प्रगति के लिए प्रमुख सचिव की वीडियो कांफ्रेसिंग में परियोजना निदेशक का वेतन रोक दिया गया था। बाद में परियोजना निदेशक जेएन राय निलम्बित कर दिए गए। इसके बाद परियोजना निदेशक की जिम्मेदारी डीडीओ बीएनटी बादल ने संभाली। इन प्रयासों के बावजूद अफसरों की कार्यशैली में बदलाव नहीं आ रहा था।

इस स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी नीतीश्वर कुमार ने मनरेगा के सभी जिम्मेदार अफसरों का वेतन रोक दिया। इनमें सीडीओ और परियोजना निदेशक(पीडी) का प्रभार देख रहे डीडीओ बीएनटी बादल भी शामिल हैं।

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