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मेरु बाजु रंगा-रंग बिचारी

प्रदेश स्तरीय गौचर औद्योगिक विकास मेले की तीसरी सांस्कृतिक संध्या स्थानीय कलाकारों के नाम रही। तीसरी सांस्कृतिक संध्या में सूचना एवं प्रसारण मंत्रलय के कार्यक्रमों को भी लोगों ने खूब सराहा।

गौचर मेला मैदान में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राजकीय महाविद्यालय कर्णप्रयाग व गीत एवं नाट्य प्रभाग सूचना प्रसारण मंत्रालय, संगम सांस्कृतिक मंच धर्मपुर रवांई, उत्तराखंड गढ़ गाथा लोक कला संगम गौचर के कलाकारों ने तीसरी सांस्कृतिक संध्या में गढ़वाली व कुमाउंनी लोकगीतों व लोकनृत्यों से दर्शकों का मन मोह लिया। गीत एवं नाट्य प्रभाग ने दमादम मस्त कलंदर, द्वी गती बैशाख, मेरु बाजुरंगा रंग बिचारी गाए तो संगम सांस्कृतिक मंच धर्मपुर ने टिहरी की रानी पौड़ी की दिवानी, चमोली मां जौनसारी आदि गीतों से देर रात तक समां बांधे रखा।

उत्तराखंड गढ़ गाथा लोक कला संगम गौचर ने ओ सुआ तेरा प्यार मां के अलावा हिमाचली लोकनृत्य तथा राजकीय महाविद्यालय कर्णप्रयाग के छात्र-छात्राओं ने स्थानीय संस्कृति पर आधारित कार्यक्रमों की बेहतरीन प्रस्तुतियां दीं।

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