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गाजियाबाद के तीन अस्पताल भी होंगे बंद

जड़ी-बूटियों से इलाज कराना बीते दिनों की बात हो जाएगी। पहले से ही खस्ताहाल आयुर्वेदिक अस्पतालों पर एक और गाज गिरी है। नए अस्पताल खोलने की बजाय शासन ने किराए के भवनों में चल रहे अस्पतालों को बंद करने का फैसला किया है। इनकी जगह दो से चार बिस्तर वाली डिस्पेंसरी चलाई जाएगी। गाजियाबाद के भी तीन अस्पताल इसकी चपेट में आ रहे हैं।


आयुर्वेद के हर जिले में 15 से 25 बिस्तरों वाले दो-दो अस्पताल है। बड़े जिलों में इनकी संख्या तीन तक है। इनमें रोगियों को भर्ती करने की भी सुविधा है। इसके लिए हर अस्पताल में 15 से 20 कर्मचारी भी तैनात है। लेकिन शासन ने इन अस्पतालों पर कहर बरपाने का फैसला किया है।

किराए के भनों में चल रहे अस्पतालों को बंद करने का फैसला किया है। इनकी जगह पर चार बिस्तर वाली डिस्पेंसरी बनाई जाएगी। गाजियाबाद के तीन अस्पताल भी इस फरमान की चपेट में आ रहे हैं। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. यशपाल सिंह का कहना है कि शासन ने इन अस्पतालों को बंद करने का आदेश दे दिया है। इससे गाजियाबाद, मोदीनगर और हापुड़ में चल रहे राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल बंद हो जाएंगे। इनमें तैनात कर्मचारियों के बारे भी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। केवल सरकारी भवनों में स्थित अस्पताल ही चलेंगे। लेकिन प्रदेश में अपने भवनों में चलने वाले अस्पताल इक्का-दुक्का है।

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