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हिटलर की ताकत व लोकप्रियता से जलता था मुसोलिनी

हिटलर की ताकत व लोकप्रियता से जलता था मुसोलिनी

तानाशाह बेनितो मुसोलिनी एडोल्फ हिटलर को बेहद उदार इंसान मानते थे लेकिन वह नाजी नेता की ताकत और लोकप्रियता से ईर्ष्या रखते थे।

इतालवी तानाशाह की महिला मित्र क्लेरेटा पेतासी की पहली बार सार्वजनिक हुई डायरियों में इस रहस्य का खुलासा हुआ है जिन्हें इस सप्ताह प्रकाशित किया जाएगा। डायरियों में मुसोलिनी की 1938 में जर्मन नेता से हुई मुलाकात का हवाला दिया गया है। उस समय तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री नेवेली चैम्बरलिन ने सूडेटेनलैंड को मिलाने की जर्मनी की योजना पर सहमति जतायी थी। दी डेली टेलीग्राफ ने यह रिपोर्ट प्रकाशित की है।

मुसोलिनी ने अपनी इस महिला मित्र को हिटलर से अपनी मुलाकात के बारे में कुछ इस प्रकार बताया वह बेहद रहमदिल हैं। दिल से हिटलर काफी भावुक हैं। जब उन्होंने मुझे देखा, उनकी आंखों में आंसू आ गए।

डायरियों में दर्ज जानकारी से यह भी पता चलता है कि मुसोलिनी इस बात से खीझे हुए थे कि उन्हें हिटलर का कनिष्ठ सहयोगी माना जा रहा है जबकि उनका फासीवाद 1920 के दशक का था जबकि उस समय हिटलर का राजनीतिक परिदृश्य में कोई नामोनिशान तक नहीं था।

इटली द्वारा ब्रिटेन पर हमला बोलने से दो साल पहले चार अगस्त 1938 को नौका विहार करते हुए मुसोलिनी ने बड़े गर्व से अपनी महिला मित्र को बताया था मैं 1921 से नस्लवादी हूं। मुझे समझे नहीं आता कि किस प्रकार वे कहते हैं कि मैं हिटलर की नकल करता हूं। उस समय तो वह पैदा भी नहीं हुआ था। (राजनीतिक संदर्भ में)

एक अन्य स्थान पर डायरी में मुसोलिनी इटली की अफ्रीकी कॉलोनियों में इतालवियों के स्थानीय लोगों के साथ संबंधों के खिलाफ नजर आते हैं।

मुसोलिनी ने कहा हर बार जब भी मैं अफ्रीका से आयी रिपोर्टों को देखता हूं, परेशान हो जाता हूं। आज ही, और पांच लोग श्वेतों के साथ रहने के कारण गिरफ्तार किए गए हैं। ओफ्फो, ये गंदे इतालवी। वे सात साल से भी कम समय में एक साम्राज्य को बर्बाद करने पर तुले हैं। उन्हें नस्ल को लेकर कोई जागरूकता ही नहीं है।

सीकेट्र मुसोलिनी शीर्षक वाली इस पुस्तक में पेतासी की 1932 से 1938 के बीच लिखी गयी डायरियों से भी अंशों को लिया गया है। इससे पता चलता है कि मुसोलिनी पेतासी के प्यार में बुरी तरह पागल था। उसने एक बार पेतासी को बताया कि उसने थियेटर में उसे अपने ख्याल में निर्वस्त्र किया और उसके लिए उसकी इच्छा पागल कर देने वाली हद तक थी।

पेतासी मात्र 20 साल की थी जब वह फासीवादी तानाशाह से मिली जो न केवल शादीशुदा था बल्कि उससे उम्र में 29 साल बड़ा था। अप्रैल 1945 में जब मुसोलिनी को साफ दिखाई दे रहा था कि अब हार तय है तो उसने पेतासी के साथ स्विटजरलैंड निकल भागने का प्रयास किया लेकिन इतालवियों ने उन्हें पकड़ लिया और फांसी देकर मिलान के समीप एक पेट्रोल स्टेशन पर लटका दिया।

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