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मालगाड़ी के 12 तेल टैंकर जले, उल्फा पर संदेह

असम के जारेहाट जिले में मोरियानी के नजदीक उल्फा उग्रवादियों द्वारा किए गए कथित विस्फोट से एक मालगाड़ी के 12 तेल टैंकर जल गए, जबकि चार अन्य पटरी से उतर गए। इस घटना से रेल यातायात प्रभावित हुआ है।

नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड के सूत्रों ने बताया कि प्रत्येक टैंकर में 70 हजार लीटर हाई स्पीड डीजल भरा था। हर टैंकर में भरे डीजल की कीमत लगभग 25 लाख रुपये है।

तेल टैंकरों में सोमवार रात लगभग साढ़े नौ बजे उस समय आग लगी जब मालगाड़ी नुमालीगढ़ रिफाइनरी से उत्तर प्रदेश के पनकी जा रही थी। राजकीय रेवले पुलिस के सूत्रों ने घटना के पीछे उल्फा पर शक व्यक्त करते हुए बताया कि रेल पटरियों से 40 मीटर लंबा तार बरामद हुआ है।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के सूत्रों ने बताया कि आग पर 12 घंटे बाद मंगलवार सुबह लगभग साढ़े नौ बजे काबू पा लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि 51 टैंकर ले जा रही मालगाड़ी के चालक और गार्ड सुरक्षित हैं। सूत्रों ने बताया कि मालगाड़ी के चालक ने एक धमाके की आवाज सुनी और टैंकरों से धुआं निकलते देखा। कुछ टैंकर दूसरी पटरियों पर जा गिरे।

रेलवे अधिकारियों ने कहा कि वे 31 टैंकरों, दो सेफ्टी टैंकरों और ब्रेक वैन को बचाने में सफल रहे। कुल 16 टैंकर प्रभावित हुए हैं। 12 टैंकर जल गए और चार अन्य दूसरी पटरियों पर जा गिरे जिनमें से तीन से तेल रिसने लगा। घटना में एक छोटा पुल भी नष्ट हो गया है।

रेलवे सूत्रों ने बताया कि मुख्य रेल मार्ग के बाधित हो जाने के कारण उपरी और निचले असम में ट्रेन सेवाओं पर असर पड़ा है। आग की वजह से जिन ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है, उनमें डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस भी शामिल है।

वरिष्ठ रेल अधिकारी बड़पाथर और भीरगांव के बीच स्थित घटनास्थल पर रवाना हो गए हैं और रेल पटरियों को सुचारू करने के इंतजाम कर रहे हैं। आग पर काबू पाने के लिए सेना, पुलिस, अग्निशमन विभाग और नजदीक के उद्योगों की दमकल गाड़ियां भेजी गईं।

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