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उत्तराखण्ड की बिजली उत्पादन क्षमता 40 हजार मेगावाट

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा है कि उत्तराखण्ड राज्य में इतनी अपार जल संपदा है जिससे 40 हजार मेगावाट बिजली पैदा की जा सकती है।

निशंक ने कहा कि वर्ष 2015 तक इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 30 हजार करोड़ रुपए निवेश किए जायेंगे। इसके साथ ही राज्य में 10 हजार करोड़ रुपए लागत की विद्युत लाइनें भी बिछाई जानी है। ऊर्जा उत्पादन से राज्य के आर्थिक संसाधन मजबूत होंगे।

मुख्यमंत्री ने राज्य के इंजीनियरों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उच्च विचार मनुष्य के नैतिक स्तर को ऊंचा करते हैं। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भी कर्तव्यनिष्ठ एवं आत्मविश्वासी व्यक्ति सही रास्ता खोज लेता है।

समाज एवं देशहित में अच्छे मन एवं सोच से कार्य करने की आवश्यकता है और यही भावना समाज एवं राष्टू की उन्नति में सहायक है।

उन्होंने कहा कि राज्य को ऊर्जा प्रदेश बनाने के लिए हम प्रयासरत हैं जिसके लिए सभी सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास के लिए भी ऊर्जा उत्पादन आवश्यक है। सरकार द्वारा प्रदेश को ऊर्जा राज्य बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना के तहत कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री निशंक ने अभियंताओं को समाज के निर्माता की संज्ञा देते हुए कहा कि इंजीनियर किसी भी वस्तु को खूबसूरत कृति का रुप देता है।

उन्होंने कहा कि सभी को प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए सहभागिता निभानी होगी। जिस प्रकार परिवार के हर व्यक्ति को देखभाल की जिम्मेदारी सभी की होती है उसी प्रकार विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारी व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग है।

उन्होंने कहा कि अच्छे कार्य करने वालों को प्रोत्साहन दिया जायेगा तथा अपने कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी।

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