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संदिग्ध पाकिस्तानी जासूस के दो सहयोगी लखनऊ में गिरफ्तार

संदिग्ध पाकिस्तानी जासूस के दो सहयोगी लखनऊ में गिरफ्तार

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस हासिल करने में कथित पाकिस्तानी जासूस की मदद करने के संदेह में उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने मंगलवार को लखनऊ में दो लोगों को गिरफ्तार किया।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) एके जैन ने लखनऊ में बताया कि दोनों की पहचान मोहम्मद अरशद उर्फ अरशू तथा चांद के रूप में हुई है जिन्हें सैयद अमीर अली-36 की मदद करने के आरोप में पुराने शहर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

अमीर अली को दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय इंदिरा गांधी हवाई अड्डे से शनिवार को उस समय गिरफ्तार किया था जब वह फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर सउदी अरब के दम्मान शहर के लिए विमान पकड़ने की तैयारी में था।

जैन ने बताया कि दोनों आरोपी दलाल थे जिन्होंने पहचान पत्र सहित अन्य फर्जी दस्तावेज तैयार किए जिनका इस्तेमाल अमीर अली उर्फ जब्बार ने पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य कागजात हासिल करने के लिए किया।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने बताया कि दोनों से पूछताछ की जा रही है। दूसरी ओर दिल्ली में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों को दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ और उत्तर प्रदेश एटीएस की संयुक्त टीम द्वारा पकड़ा गया।

एक तीसरे व्यक्ति की गिरफ्तारी के बारे में भी खबर है, लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने बताया कि जब्त पासपोर्ट सैयद अमीर अली के नाम से बना था, जबकि ड्राइविंग लाइसेंस एसए अली के नाम से था।

अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या अरशद ने अली के लिए दस्तावेज हासिल करने के लिए पासपोर्ट और परिवहन विभाग को रिश्वत दी थी।

पुलिस का कहना है कि अली खुद को लखनऊ निवासी बताकर दिल्ली के शाहदरा क्षेत्र में रह रहा था, जबकि हकीकत में वह पाकिस्तान के कराची का रहने वाला है। उसने लखनऊ से पासपोर्ट हासिल किया था जहां वह 2005-2006 में रहा था।

अली उत्तर पूर्वी दिल्ली के मानसरोवर पार्क स्थित मोबाइल रिपेयर की एक दुकान में तकनीशियन के रूप में काम कर रहा था।

अली को आव्रजन अधिकारियों द्वारा दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ को सौंपे जाने के बाद पुलिस टीमें यह जानने के लिए मेरठ और लखनऊ के लिए रवाना हुईं कि किस तरह वह फर्जी पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस हासिल करने में सफल हो गया।


जांचकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि अली के पास से दिल्ली छावनी, मेरठ छावनी और हिन्डन वायु सैन्य प्रतिष्ठान के नक्शे और उनसे संबंधित दस्तावेज भी बरामद हुए।

उत्तर प्रदेश पुलिस अली को पासपोर्ट जारी किए जाने के मामले में जांच कर रही है। आधिकारिक सूत्रों ने लखनऊ में बताया कि अली के कब्जे से मिला ड्राइविंग लाइसेंस वास्तव में किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर जारी किया गया था।

एडीजी (कानून एवं वयवस्था) बृजलाल ने कहा है कि यह एक गंभीर खामी है कि पासपोर्ट के लिए आवेदन कर रहे एक व्यक्ति के पते का स्थानीय खुफिया इकाई और जिला पुलिस अधिकारियों द्वारा दो बार सत्यापन किया गया।

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