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भारतीय किसान यूनियन का जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू

गन्ने के मूल्य में वृद्धि की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार से जंतर-मंतर पर शुरू हो गया। भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह टिकैत की अगुवाई में हजारों किसान यहां अपने हक के लिए धरने पर बैठ गए।  टिकैत ने यहां देशभर से आए हुए किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बिना संघर्ष के कुछ मिलने वाला नहीं है।

सरदार भगत सिंह और चन्द्रशेखर आजाद को भी देश को आजाद कराने के लिए अपनी जान देनी पड़ी। इसलिए जब हम यहां आ ही गए हैं तो अपना हक लिए बगैर नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि हम न तो किसी से भीख मांग रहे हैं और न ही अहसान, बल्कि हम तो अपना हक लेने आए हैं। उन्होंने कहा कि यह आरपार की लड़ाई है जिसे हमें मिलजुलकर जीतनी ही है।

यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि अगर गन्ने का उचित मूल्य नहीं मिला तो हम विदेश से आने वाली चीनी को भी जलाएंगे। किसानों के साथ अन्याय कर विदेशों से गेंहू और चावल का आयात किया गया, तो उसमें भी आग लगाएंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि शरद पवार कृषि मंत्री नहीं बल्कि मिल मंत्री हैं जिन्हें सिर्फ मिल मालिकों की चिंता है। अपने संबोधन में भारतीय किसान यूनियन पंजाब के अध्यक्ष अजमेर सिंह लाखोवाल, मध्य प्रदेश के अध्यक्ष जगदीश सिंह, हरियाणा के अध्यक्ष गुरनाम सिंह, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष ठा. भानुप्रताप सिंह, उत्तरांचल के अध्यक्ष संजय चौधरी और किसान आंदोलन की समन्वय समिति के महासचिव चौ. युद्धवीर सिंह समेत तमाम किसान नेताओं ने सरकार की किसान विरोधी नीतियों को कोसा और गन्ने का मूल्य बढ़ाने की मांग की।

धरने पर बैठे किसानों ने अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा। गन्ना का न्यूनतम मूल्य 280 रुपए प्रति क्विंटल करने की मांग की। ज्ञापन में इस मांग पर विशेष जोर दिया गया है कि सरकार द्वारा जारी किए गए एफ. आर. पी. अध्यादेश को तुरन्त वापस लिया जाए तथा इसकी जगह पुन: न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू किया जाए और गन्ने का मूल्य निर्धारण बाजार के मूल्य सूचकांक के आधार पर तय किया जाए।

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  • Web Title:भाकियू का जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू