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अब फर्जी सुलहनामा में फँसे अतीक

अतीक की मुश्किलें कम होने के बजाय बढ़ती ही जा रही हैं। इस बार उनका नाम फर्जी सुलहनामा कोर्ट में लगाने के मामले में जुड़ा है। पूर्व सांसद अतीक अहमद ने बसपा नेता सईद अहमद की तरफ से फर्जी सुलहनामा लगाकर अदालत से जमानत पा ली थी। इस मामले में सईद अहमद ने कर्नलगंज थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज करा दिया। उनका आरोप है कि सुलहनामे में उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए। इसी मामले में अतीक अहमद को न्यायिक अभिरक्षा में लिया गया। इसके अतिरिक्त धोखाधड़ी के एक अन्य मुकदमे में तीन दिसम्बर तक अतीक की न्यायिक अभिरक्षा बढ़ा दी गई।

अपर सीजेएम अशोक कुमार ने कहा कि पुलिस कागजातों के अनुसार, अतीक अहमद को न्यायिक अभिरक्षा में लिए जाने के पर्याप्त आधार हैं। अदालत ने चौदह दिनों के लिए न्यायिक अभिरक्षा की अवधि मंजूर की। पुलिस की ओर से कहा गया था कि कर्नलगंज थाने में एक मुकदमा भारतीय दण्ड संहिता की धारा 419, 420 के तहत दर्ज हुआ है, जिसकी विवेचना में न्यायिक अभिरक्षा में अतीक अहमद को लिया जाए।

बसपा नेता सईद अहमद ने कर्नलगंज थाने पर मुकदमा दर्ज कराया है कि जो मुकदमा उन्होंने अतीक अहमद के खिलाफ सिविल लाइन्स थाने में दर्ज कराया है, उस मामले में जमानत कराने के उनकी ओर से जो सुलहनामा पेश किया है, उसमें उनका फर्जी हस्ताक्षर बनाया गया है। अतीक अहमद को सीजेएम राजेश उपाध्याय की अदालत में भी पेश किया गया। यहाँ भी सईद अहमद द्वारा दर्ज मुकदमे की सुनवाई होनी थी, जिसमें तीन दिसम्बर की तारीख नियत कर दी गई। गौरतलब है कि ललितपुर जेल में बंद अतीक को कड़ी सुरक्षा व भारी पुलिस बल के साथ कोर्ट में पेश किया गया। बसपा नेता द्वारा दर्ज कराए गए फर्जी सुलहनामा मामले की जाँच कर्नलगंज पुलिस कर रही है। हस्ताक्षर का मिलान और पूछताछ की जानी है।

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  • Web Title:अब फर्जी सुलहनामा में फँसे अतीक