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पटना के इंट्री प्वाइंट पर गाड़ियों की स्कैनिंग की तैयारी

सैंकड़ों किलो जानलेवा विस्फोटकों की बरामदगी भले हो गई हो पर, पटना में उनकी पहुंच ने राज्य पुलिस की नींद उड़ा रखी है। नक्सलियों की साजिश ने पुलिस और खुफिया एजेंसियों को हैरत में डाल दिया है। आशंका इस बात की है कि शहर के कंकड़बाग और बहादुरपुर जैसे इलाके की तरह ही वीवीआईपी मुहल्लों में भी विस्फोटकों की खेप पहुंच सकती है। शहर की सुरक्षा के लिहाज से यह बड़ा खतरा है।

पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती है, नक्सलियों के इस नेटवर्क को ध्वस्त करना और विस्फोटकों की खेप को राजधानी में प्रवेश से रोकना। इसको ध्यान में रखकर हाई लेबल पर रणनीति बनाई जा रही है। इस बात पर भी विचार हो रहा है कि शहर के इंट्री प्वाइंट पर वाहनों की स्कैनिंग की व्यवस्था हो। दरअसल हाल की बरामदगी के दौरान पुलिस को यह भी पता चला है कि हथियारों को लाने और ले जाने के लिए संभवतः फर्जी वीवीआईपी गाड़ियों का भी इस्तेमाल हुआ। ऐसी गाड़ियों पर निगाह रखना बड़ी चुनौती है।

डीजीपी आनंद शंकर ने भी कहा है कि शहर के इंट्री प्वाइंट पर वाहनों की स्कैनिंग पर विचार किया जा रहा है। लेकिन इसमें कौन सी तकनीक कारगर होगी इसे देखा जा रहा है। उन्होंने यह माना कि शहर में विस्फोटकों का पहुंचना गंभीर मामला है।

दूसरी ओर मुख्यालय सूत्रों की मानें तो दिल्ली की तर्ज पर वाहनों की जांच की तकनीक को आजमाने पर भी विचार हो रहा है। इसके अलावा चेक पोस्ट पर पोर्टेबल एक्स-रे मशीन या फिर उच्च क्षमता वाला कोई स्कैनर लगाया जाए जिससे तेजी से गुजरती हुई गाड़ियों की भी स्कैनिंग हो सके। इस विन्दु पर विशेषज्ञों की भी राय ली जा सकती है। वैसे फिलहाल मिरर के जरिए गाड़ियों में विस्फोटकों की जांच की प्रक्रिया अपनायी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, वाहन के नीचे इंजन के आस-पास विस्फोटक बांध कर लाए जा सकते हैं। इस आशंका को दूर करने के लिए जांच की यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है। 

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  • Web Title:पटना के इंट्री प्वाइंट पर गाड़ियों की स्कैनिंग की तैयारी