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इच्छाड़ी डैम की जांच रिपोर्ट गायब

इच्छाड़ी डैम की सुरक्षा को परखने के लिए की जाने वाली जांच पर शासन के आला अफसर कुंडली मारकर बैठे है। पौने तीन महीने पहले जारी मुख्यमंत्री के आदेश भी नौकरशाही के लिए बेमानी हो गए हैं। डैम की जांच के लिए अभी तक समिति के गठन का आदेश जारी नहीं हो सका। इससे भी गंभीर मामला यह है कि डैम की प्राथमिक जांच रिपोर्ट की मूल पत्रवली गायब हो गई हैं। जिम्मेदार अफसरों के पास इस का कोई जवाब नहीं है कि जिस रिपोर्ट को आधार बनाकर जांच होनी है वह पत्रवली कहां है ?

जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की चेतावनी और शासन द्वारा कराई गई प्राथमिक जांच के आधार पर इच्छाड़ी डैम से भविष्य में जान माल का खतरा हो सकता है। डैम के होल्स की रिड्रिलिंग नहीं होने की वजह से पानी का अपलिफ्ट प्रेशर बने रहने का खतरा बरकरार है। 22 अगस्त को सीएम ने प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर डैम की तकनीकी व प्रशासनिक जांच कराने का आदेश दिया था। सीएम के बाद मुख्य सचिव ने दो सितम्बर को प्रमुख सचिव केसव देसि राजू को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया।

तत्कालीन सिंचाई सचिव विनोद फोनिया ने अवलोकन के लिए जांच की मूल पत्रवली की फाइल जांच अधिकारी को भेज दी थी। जांच अधिकारी ने पत्रवली का अवलोकन करने के बाद तकनीकी विशेषज्ञों की समिति के साथ अलग से आदेश करने को कहा। विभाग ने आईआईटी रुड़की और केंद्रीय जल आयोग (सीडब्लूसी) को जांच के लिए एक-एक विशेषज्ञ उपलब्ध कराने को कहा। आईआईटी रुड़की ने तो 23 सितम्बर को ही विशेषज्ञ का नाम भेज दिया लेकिन सीडब्लूसी ने अभी तक कोई नाम नहीं भेजा। अभी तक विभाग ने सीडब्लूसी से बात करने की जहमत नहीं उठाई।

गंभीर बात यह है कि मुख्यमंत्री के आदेश पर प्रारंभिक एक्सरसाइज भी शुरू नहीं हुई। इससे भी गंभीर मामला यह है कि जांच रिपोर्ट की मूल पत्रवली गायब है। प्राथमिक जांच रिपोर्ट की मूल पत्रवली की फाइल किसके पास है यह किसी को खबर नहीं। सूत्र बताते है कि विलम्ब करके मामले के मुख्य आरोपी व सिंचाई विभागाध्यक्ष सागरचंद को बचाने की कोशिश की जा रही है।

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