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248 सहायक अध्यापक बने प्रधानाध्यापक

प्राइमरी के सहायक अध्यापकों के प्रधानाध्यापक बनने की हसरत पूरी हो गई है। पौड़ी जिले में करीब ढाई सौ सहायक अध्यापकों की पदोन्नति सूची जारी कर दी गई है। विभाग को आरक्षित कोटे के 12 सीटों पर कोई अभ्यर्थी नहीं मिल पाया। इधर, सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे पदोन्नति सूची को प्राप्त कर लें ताकि ज्वाइन करने में किसी तरह की समस्याएं न आए।

प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत और लंबे समय से पदोन्नति की बाट जोह रहे सहायक अध्यापकों को पदोन्नति मिल गई है। पदोन्नति सूची में 260 सीटों के मुकाबले 248 सहायक अध्यापकों को प्राथमिक विद्यालय में ही हैड बनाया गया है। 12 पद आरक्षित के नहीं  भरे जा सके हैं। इन पदोन्नतियों में 35 सहायक अध्यापक ऐसे भी शामिल है जिन्हें विभाग ने उसी विद्यालय में पदोन्नति दे दी है, ऐसा पहली दफे हुआ है जब किसी अध्यापक को उसी विद्यालय में पदोन्नति दे दी गई हो।

इससे पूर्व आदर्श आचार संहिता और उसके बाद सघन निरीक्षण के कारण पदोन्नति संबंधी यह प्रक्रिया काफी विलंब से शुरू हुई है। इससे पूर्व विभाग ने जो पदोन्नति सूची बनाई थी, उसमें 262 शिक्षकों को शामिल किया गया था, लेकिन इस दौरान अंतरजनपदीय स्थनातंरणों के चलते यह सूची प्रभावित हुई है।

अपर जिलाशिक्षाधिकारी बेसिक पौड़ी एसपी खाली ने बताया है कि शासनादेश का संदर्भ लेते हुए किसी भी पदोन्न्नत शिक्षक को सुगम दर्जे का विद्यालय नहीं दिया गया है। एक ओर शिक्षा विभाग ने पदोन्नति सूची जारी कर दी है तो दूसरी ओर अभी भी यह अंदेशा बना हुआ है कि इस पदोन्नति सूची शामिल कितने शिक्षक नए तैनाती स्थलों पर जाते है। पदोन्नति के बाद मिले दुर्गम श्रेणी के विद्यालयों और देर में मिली पदोन्नति राह में रोडा अटका सकती है।

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