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चीन में मिले और आजादीः ओबामा

चीन में मिले और आजादीः ओबामा

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि अमेरिका और चीन जन्मजात दुश्मन नहीं हैं और न ही उनका देश चीन या किसी अन्य देश में अपनी मर्जी की राज्य व्यवस्था थोपना चाहता है, पर इतना जरूर है कि चीन में अभिव्यक्ति की और अधिक स्वतंत्रता की जरूरत है।

शांगहाए साइंस एंड टेक्नोलाजी म्यूजियम के विद्यार्थियों के साथ बातचीत के दौरान ओबामा ने कहा कि अमेरिका चीन की तरक्की पर अंकुश नहीं लगाना चाहता और हम देशों के मजबूत, समद्ध एवं सफल सदस्यों की कामना करते हैं। ओबामा का यह बयान चीन के राष्ट्रपति हू चिंताओं से मुलाकात से पहले आया है। उन्होंने कहा कि वह वैश्विक आर्थिक सुधार, परमाणु अप्रसार, जलवायु परिवर्तन और शांति एवं सुरक्षा के प्रोत्साहन पर ध्यान देंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, आराधना, सूचनाओं तक पहुंच, राजनीतिक भागीदारी आदि के संबंध में हमारा मानना है कि ये वैश्विक अधिकार हैं। ये सभी को उपलब्ध होने चाहिए चाहे वे अमेरिकी नागरिक हों, चीन के या किसी अन्य देश के। उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर पैदा करना, समद्धि बढाना, पर्यावरण की रक्षा करना और सुरक्षा के वातावरण में सुधार में सबकी भागीदारी बनती है और इसमें सबका फायदा है। इन मामलों में एक देश की सफलता दूसरे देश की विफलता नहीं है।

अमेरिका और चीन के बीच संबंधों को सकारात्मक, सृजनात्मक और व्यापक बताते हुए ओबामा ने कहा कि यह संबंध प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर साझीदारी के द्वार खोलते हैं।

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